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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

पौड़ी में आदमखोर गुलदार का तांडव: काम से लौट रहे मिस्त्री को बनाया निवाला, वन विभाग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा।

 


All India tv news। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला पौड़ी गढ़वाल से सामने आया है, जहाँ काम से घर लौट रहे एक मिस्त्री पर गुलदार ने जानलेवा हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

घटना का विवरण:- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पौड़ी के बलमाना गांव के पास एक मिस्त्री, जो शाम को काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था, घात लगाकर बैठे गुलदार का शिकार बन गया।

ग्रामीणों का आक्रोश:- घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई थी, जिसकी सूचना बार-बार वन विभाग को दी गई, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

अधिकारियों का घेराव-: आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहुँचे वन विभाग के कर्मचारियों और प्रशासन की टीम को एक कमरे में बंद कर दिया और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक वरिष्ठ अधिकारी (DFO/DM) मौके पर नहीं आते और गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक वे शव को उठने नहीं देंगे।

वन विभाग की प्रतिक्रिया-: डीएफओ पौड़ी महातिम यादव ने स्वयं मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया गया है।

गौरतलब है कि पौड़ी जिले में पिछले कुछ महीनों में गुलदार के हमलों में काफी वृद्धि हुई है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी बाड़ा गांव में एक व्यक्ति को गुलदार ने अपना शिकार बनाया था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पहाड़ के लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है, जिससे लोग अब अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या का कोई स्थाई समाधान निकाल पाता है या फिर ग्रामीण इसी तरह खौफ के साए में जीने को मजबूर रहेंगें। 



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