All India tv news। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में अपात्र राशन कार्ड धारकों के खिलाफ प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अपात्र लोग स्वयं अपना कार्ड जमा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में अब तक दर्जनों कार्ड सरेंडर किए जा चुके हैं, और अब खाली हुई इन जगहों पर वास्तविक पात्र परिवारों को जगह दी जाएगी।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सोमवार को जिला पूर्ति कार्यालय और ब्लॉक कार्यालयों में सरेंडर किए गए राशन कार्डों की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में सामने आया कि अब तक कुल 163 अपात्र राशन कार्ड जमा किए जा चुके हैं।
आंकड़ों पर एक नज़र:-
जिला पूर्ति कार्यालय:- राज्य खाद्य योजना (SFY) के 63, प्राथमिक परिवार (PHH) के 33 और अंत्योदय (AAY) के 16 कार्ड सरेंडर हुए।
ब्लॉक कार्यालय:- राज्य खाद्य योजना के 14, प्राथमिक परिवार के 27 और अंत्योदय के 10 कार्ड जमा किए गए।
किसे मिलेगी प्राथमिकता?
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन खाली स्थानों पर केवल पात्र परिवारों का ही चयन किया जाए। चयन के नए मानक इस प्रकार हैं:
प्राथमिक परिवार :- प्राथमिकता उन परिवारों को मिलेगी जिनका मुखिया दिव्यांग या विधवा महिला हो और मासिक आय 4,000 रुपये से कम हो।
अंत्योदय :- उन परिवारों को वरीयता दी जाएगी जिनकी कुल मासिक आय 15,000 रुपये से कम है।
अंतिम चेतावनी और समय सीमा:-
जिला प्रशासन ने अपात्र कार्ड धारकों को एक अंतिम अवसर देते हुए कार्ड सरेंडर करने की तिथि 19 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है।
सावधान! 20 मार्च से चलेगा अभियान:-
याद रहे, 20 मार्च 2026 से पूरे जिले में सघन सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। यदि इस दौरान कोई अपात्र व्यक्ति राशन कार्ड का लाभ लेते पाया गया, तो न केवल उसका कार्ड निरस्त होगा, बल्कि प्रशासन उसके खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित करेगा।

