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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

उत्तराखंड के विकास में जुड़ेगा स्वर्णिम अध्याय, 14 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन।


All India tv news।  देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे के लिए कमर कस ली है। प्रधानमंत्री इस ऐतिहासिक दिन पर राज्य को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे) की बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री धामी ने इस आयोजन को राज्य के विकास का "स्वर्णिम अध्याय" और एक "जन-उत्सव" करार दिया है। 

मुख्य बिंदु:-

ऐतिहासिक उद्घाटन:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। यह ₹12,000 करोड़ की लागत वाला एक मेगा प्रोजेक्ट है।

दूरी होगी कम:- इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच का सफर केवल ढाई घंटे (2.5 घंटे) में पूरा होगा, जो वर्तमान में लगभग 6.5 घंटे लेता है।

सांस्कृतिक भव्यता:- मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति—गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोक नृत्यों की झलक भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए।

भव्य रोड शो:- पीएम मोदी के आगमन पर देहरादून में एक विशाल रोड शो आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे राष्ट्रीय ध्वज लेकर इस रोड शो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

आध्यात्मिक शुरुआत:- प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे।

राज्य को मिलने वाले लाभ:-

पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा:- यह हाई-स्पीड कॉरिडोर पर्यटन गतिविधियों को तेज करेगा और राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के लिए नए द्वार खोलेगा।

रोजगार के अवसर:- सीएम धामी के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पर्यावरण का ध्यान:- इस एक्सप्रेसवे में एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का वन्यजीव कॉरिडोर भी शामिल है, ताकि पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और पूरे राज्य में स्वच्छता अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं ताकि इस ऐतिहासिक क्षण को अविस्मरणीय बनाया जा सके।

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