All India tv news। अल्मोड़ा/हल्द्वानी: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत विजिलेंस टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। अल्मोड़ा जनपद के लमगड़ा ब्लॉक में तैनात अकाउंटेंट (लेखाकार) हर सिंह बिष्ट उर्फ हरीश सिंह बिष्ट को सतर्कता विभाग की टीम ने 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता का शौचालय निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रुपये का टेंडर स्वीकृत हुआ था। इस टेंडर से संबंधित एफडीआर (FDR) रिलीज करने के बदले में अकाउंटेंट हर सिंह बिष्ट लगातार रुपयों की मांग कर रहा था। आरोपी का कहना था कि बिना 'सुविधा शुल्क' दिए फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।
विजिलेंस का बिछाया जाल:-
परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस), हल्द्वानी को दी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। आज, 8 अप्रैल 2026 को जैसे ही आरोपी ने ब्लॉक कार्यालय में शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये पकड़े, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
आरोपी का विवरण:-
गिरफ्तार किया गया आरोपी हर सिंह बिष्ट, बहादुर सिंह बिष्ट का पुत्र है और वर्तमान में अल्मोड़ा के चीनाखान क्षेत्र का निवासी है। विजिलेंस ने रिश्वत की रकम बरामद कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस अचानक हुई कार्रवाई से लमगड़ा ब्लॉक कार्यालय और पूरे जनपद के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

