All India tv news। देवभूमि उत्तराखंड की माटी ने एक बार फिर दुनिया को अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। पिथौरागढ़ के एक 6 वर्षीय नन्हे बालक ने अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति से वो कर दिखाया है, जिसे सुनकर बड़े-बड़े भी हैरान हैं। 'द एशियन एकेडमी' के कक्षा 1 के छात्र शौर्य शर्मा ने मात्र 6 साल 5 महीने की उम्र में 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' (IBR) में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया है।
कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, और शौर्य शर्मा ने इसे सच साबित कर दिखाया है। शौर्य की याददाश्त का आलम यह है कि वे किसी 'सुपर कंप्यूटर' से कम नहीं हैं। उनके ज्ञान के पिटारे में क्या कुछ नहीं है, जरा गौर कीजिए:
अध्यात्म का ज्ञान:- शौर्य शिव तांडव स्तोत्र के 15 कठिन श्लोकों का धाराप्रवाह पाठ करते हैं।
भूगोल पर पकड़:- दुनिया के 195 देशों की राजधानियाँ और उनकी मुद्राएं उन्हें जुबानी याद हैं। इतना ही नहीं, G20 देशों की जानकारी भी उनकी उंगलियों पर है।
भारत का गौरव:- भारत के सभी 28 राज्यों की राजधानियाँ और उत्तराखंड के 13 जनपदों के नाम वे पलक झपकते ही बता देते हैं।
जनरल नॉलेज:- 31 से ज्यादा कठिन संक्षिप्त शब्दों के पूर्ण रूप भी उन्हें कंठस्थ हैं।
उपलब्धि का सम्मान:-
शौर्य के इस असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'IBR Achiever' सम्मान से नवाजा गया है। इस उपलब्धि के बाद उनके विद्यालय 'द एशियन एकेडमी' और पूरे पिथौरागढ़ में खुशी की लहर है। शिक्षकों और परिजनों का कहना है कि शौर्य की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और एकाग्रता का परिणाम है।
आज पूरा उत्तराखंड शौर्य की इस कामयाबी पर गर्व महसूस कर रहा है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है। नन्हे शौर्य ने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो, तो आसमान छूना मुश्किल नहीं।


