All India tv news। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। पिछले कई दिनों से मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग (WECD) के निदेशक ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल और कार्य बहिष्कार पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
मुख्य बिंदु :-
रोक का कारण:- सरकार ने आगामी 'पोषण पखवाड़ा' (9 अप्रैल से 23 अप्रैल) और अन्य महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों की संवेदनशीलता को देखते हुए यह कदम उठाया है। सरकार का मानना है कि हड़ताल से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली आवश्यक सेवाएं बाधित हो रही हैं।
कार्यकर्ताओं की मांगें:- आंदोलनकारी कार्यकर्ता मानदेय में ₹140 प्रतिदिन की वृद्धि, सेवानिवृत्ति पर ₹10 लाख की आर्थिक सहायता और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से छूट जैसी 11 सूत्रीय मांगों पर अड़ी हुई हैं।
टकराव की स्थिति:- जहाँ एक ओर सरकार ने हड़ताल पर रोक लगाई है, वहीं उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रेखा नेगी का कहना है कि वे दमनकारी नीतियों के आगे नहीं झुकेंगी। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, वे 'पोषण ट्रैकर' और BLO जैसे कार्यों का बहिष्कार जारी रखेंगी।
ताजा स्थिति:-
देहरादून समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे हरिद्वार, बागेश्वर और हल्द्वानी में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन जारी है। पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रशासन अब इस रोक को सख्ती से लागू करने की तैयारी में है।

