मोहान (रामनगर): मोहान वन क्षेत्र के तड़म ग्राम सभा में बाघ के पकड़े जाने के बाद भी वन विभाग किसी तरह की ढील बरतने के मूड में नहीं है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को जड़ से खत्म करने के लिए विभाग की टीमें रात-दिन क्षेत्र में मुस्तैद हैं।
घर-घर दस्तक और सुरक्षा घेरा:-
कल रात वन विभाग की टीमों ने तड़म ग्राम सभा के घर-घर जाकर ग्रामीणों के साथ बैठकें कीं। इस दौरान वन्यजीवों से बचाव के उपायों पर चर्चा की गई और विशेष रूप से बच्चों व बुजुर्गों को अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में 'फायर वॉल' बनाई गई है और राइफल से हवाई फायर कर वन्यजीवों को आबादी से दूर खदेड़ा जा रहा है।
कल रात वन विभाग की टीमों ने तड़म ग्राम सभा के घर-घर जाकर ग्रामीणों के साथ बैठकें कीं। इस दौरान वन्यजीवों से बचाव के उपायों पर चर्चा की गई और विशेष रूप से बच्चों व बुजुर्गों को अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में 'फायर वॉल' बनाई गई है और राइफल से हवाई फायर कर वन्यजीवों को आबादी से दूर खदेड़ा जा रहा है।
आधुनिक उपकरणों से पैनी नजर :-
पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। विभाग द्वारा सुरक्षा और निगरानी के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- निगरानी: ड्रोन और ट्रैप कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
- सुरक्षा उपकरण: टीमें एनाउंसर, फॉक्स लाइट, राइफल और गांधी बंदूक से लैस हैं।
- पिंजरे: क्षेत्र में अब तक कुल 9 पिंजरे लगाए गए हैं, जिनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
स्कूली बच्चों के लिए वाहन की सुविधा:-
वन विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके स्कूल (रा. इ. का. भौनखाल) आने-जाने के लिए विशेष वाहन की व्यवस्था की है। विद्यालय प्रबंधन के साथ हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि तड़म से बच्चों को सुरक्षित लाने और ले जाने के लिए गाड़ी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि दहशत के साये में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
वन विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके स्कूल (रा. इ. का. भौनखाल) आने-जाने के लिए विशेष वाहन की व्यवस्था की है। विद्यालय प्रबंधन के साथ हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि तड़म से बच्चों को सुरक्षित लाने और ले जाने के लिए गाड़ी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि दहशत के साये में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
वन विभाग का कहना है कि जब तक क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, यह सर्च ऑपरेशन और जागरूकता अभियान इसी तरह जारी रहेगा।


