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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

प्रदूषण पर कड़ा प्रहार! भोपाल बना 'एल्गी ट्री' वाला देश का पहला शहर, एक 'मशीन' करेगी 25 पेड़ों का काम।

 


All India tv news । प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से जूझती दुनिया के बीच, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक क्रांतिकारी खबर सामने आई है। भोपाल अब देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जहाँ हवा को शुद्ध करने के लिए 'एल्गी ट्री' तकनीक को सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया गया है।
शहर के अशोका गार्डन स्थित विवेकानंद पार्क में लगा यह हाईटेक सिस्टम कोई साधारण मशीन नहीं, बल्कि एक 'अर्बन फोटोबायोरिएक्टर' है। आइए जानते हैं कैसे यह छोटी सी तकनीक बड़े-बड़े जंगलों जैसा काम कर रही है।"
विवरण :-
  • क्या है यह तकनीक?
    इस एल्गी ट्री में 600 लीटर पानी और विशेष 'माइक्रोएल्गी' का उपयोग किया गया है। यह तकनीक प्राकृतिक प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया को कई गुना तेज़ कर देती है।
  • पेड़ों से 50 गुना ज़्यादा ताकतवर:-
    विशेषज्ञों का दावा है कि यह सिस्टम सामान्य पेड़ों के मुकाबले 50 गुना अधिक प्रभावी ढंग से कार्बन डाइऑक्साइड को सोखता है और ताज़ी ऑक्सीजन छोड़ता है। मशरूम वर्ल्ड ग्रुप द्वारा विकसित यह एक डिवाइस सालाना करीब 1.5 टन CO₂ कम करने की क्षमता रखती है, जो कि लगभग 25 परिपक्व पेड़ों के बराबर है।
  • भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए वरदान:-                      इसे खासतौर पर उन शहरी इलाकों के लिए डिज़ाइन किया गया है जहाँ कंक्रीट के जंगलों के बीच असली पेड़ लगाने की जगह नहीं बची है। 2 साल की कड़ी रिसर्च और 50 से ज़्यादा विशेषज्ञों की मेहनत के बाद तैयार यह तकनीक हीटवेव और बढ़ते प्रदूषण से लड़ने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

भोपाल की यह पहल अगर सफल रहती है, तो जल्द ही देश के अन्य महानगरों में भी हमें ऐसे 'कृत्रिम फेफड़े' देखने को मिलेंगे। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह कदम भारत के भविष्य को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने की एक बड़ी उम्मीद है।

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