All India tv news। अल्मोड़ा/सल्ट: सल्ट के झिमार इलाके में पिछले दो महीनों से अवैध रूप से चल रहे हॉटमिक्स प्लांट पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी रिंकू बिष्ट की अध्यक्षता में खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लोनिवि (PWD) और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने प्लांट का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि प्लांट संचालक के पास न तो CTO (Consent to Operate) था और न ही CCA (Consolidated Consent and Authorization) की अनुमति थी। इसके अलावा, प्लांट पर्यावरण और सुरक्षा के मानकों को बुरी तरह दरकिनार कर चलाया जा रहा था।
इन नियमों का हुआ उल्लंघन:-
जाँच टीम ने प्लांट में निम्नलिखित गंभीर कमियाँ पाईं:
जाँच टीम ने प्लांट में निम्नलिखित गंभीर कमियाँ पाईं:
- प्रदूषण के मानक:- चिमनी की ऊंचाई तय मानकों से बहुत कम थी।
- दूरी का उल्लंघन:- स्टेट हाईवे के मध्य से 50 मीटर की दूरी के नए नियम का पालन नहीं किया गया था।
- पर्यावरण को खतरा:- प्लांट बांज और बुरांश जैसे संरक्षित प्रजाति के घने जंगलों के बीचों-बीच चल रहा था।
- सुरक्षा से खिलवाड़:- सड़क किनारे लगे सुरक्षा 'क्रैश बैरियर' हटा दिए गए थे और हाईवे पर ही अवैध रूप से धर्मकाँटा स्थापित कर दिया गया था।
अधिकारियों का बयान:-
खनन विभाग के अधिकारी राहुल नेगी ने बताया कि "बिना अनुमति और मानकों के उल्लंघन के कारण प्लांट को तुरंत सील कर दिया गया है।" इस कार्यवाही के दौरान प्रदूषण बोर्ड से शुभम गुसाई, कानूनगो शंकरगिरी और PWD के जेई चेतन रावल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
खनन विभाग के अधिकारी राहुल नेगी ने बताया कि "बिना अनुमति और मानकों के उल्लंघन के कारण प्लांट को तुरंत सील कर दिया गया है।" इस कार्यवाही के दौरान प्रदूषण बोर्ड से शुभम गुसाई, कानूनगो शंकरगिरी और PWD के जेई चेतन रावल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि इस अवैध प्लांट का मुद्दा मीडिया द्वारा प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जिलाधिकारी अंशुल सिंह के आदेश पर यह बड़ी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से इलाके के अवैध संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

