All India tv news : उत्तराखंड के हरिद्वार (रुड़की) की रहने वाली धाविका सोनिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो गरीबी और अभाव भी रास्ता नहीं रोक सकते। रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन चैंपियनशिप 2026 के पहले ही दिन सोनिया ने 10,000 मीटर की दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है।
संघर्ष से सफलता की कहानी :-
सोनिया की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि उनकी अटूट मेहनत की मिसाल है। उनकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं:
- तंगी के बावजूद जीत: सोनिया के पिता एक मजदूर हैं और मां का निधन हो चुका है।
- फटे जूते और जुनून: 2025 के राष्ट्रीय खेलों में सोनिया ने फटे जूतों में दौड़कर ब्रॉन्ज जीता था।
- स्नेह राणा का साथ: उनकी इस हिम्मत को देख भारतीय क्रिकेटर स्नेह राणा ने उन्हें प्रोफेशनल स्पाइक्स और बेहतर न्यूट्रिशन देकर प्रोत्साहित किया, जिसका फल आज सिल्वर के रूप में मिला है।
- रिकॉर्ड तोड़ दौड़: सोनिया ने यह दूरी 36 मिनट 16.22 सेकंड में पूरी की।
प्रतियोगिता की खास बातें :-
- आयोजन: 22 से 25 मई, 2026 तक।
- स्थान: बिरसा मुंडा स्टेडियम, रांची।
- महत्व: यह प्रतियोगिता एशियन U23 चैंपियनशिप के लिए सिलेक्शन ट्रायल्स के रूप में भी देखी जा रही है।
- उत्तराखंड की धूम: सोनिया के साथ ही उत्तराखंड के दीपक भट्ट ने भी पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है।
सोनिया की इस जीत ने साफ कर दिया है कि पहाड़ की बेटियों को अगर सही मौका और सुविधाएं मिलें, तो वे दुनिया के किसी भी ट्रैक पर तिरंगा फहरा सकती हैं।

