All India tv news। देहरादून/नई दिल्ली: गर्मी की तपिश झेल रहे उत्तर भारत और उत्तराखंड के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस साल मानसून अपने निर्धारित समय से थोड़ा पहले दस्तक दे सकता है। मानसून की इस चाल से न केवल कृषि क्षेत्र को लाभ होगा, बल्कि पहाड़ों में जल संकट से जूझ रहे इलाकों को भी समय पर राहत मिल सकेगी।
केरल में मानसून की एंट्री :-
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, इस साल मानसून के 31 मई (या उससे एक-दो दिन पहले/बाद) केरल पहुँचने की प्रबल संभावना है। आमतौर पर केरल में मानसून की शुरुआत 1 जून को होती है, लेकिन इस बार स्थितियां अनुकूल होने के कारण यह समय से पहले पहुँच रहा है।
उत्तराखंड में कब होगी बारिश?
केरल में जल्दी पहुंचने का सीधा असर पहाड़ी राज्यों पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि:
- जून के दूसरे या तीसरे सप्ताह (करीब 15 से 20 जून के बीच) मानसून उत्तराखंड में प्रवेश कर सकता है।
- सामान्यतः उत्तराखंड में मानसून 25 जून के आसपास पहुँचता है, लेकिन इस बार 5-7 दिन पहले बारिश शुरू होने की उम्मीद है।
- मैदानी इलाकों (हरिद्वार, उधमसिंह नगर) से लेकर पहाड़ी जिलों (चमोली, पिथौरागढ़) तक अच्छी वर्षा के संकेत है । मुख्य बिंदु:-
- अल-नीनो का प्रभाव खत्म: इस बार 'ला-नीना' की स्थिति बन रही है, जो अच्छे मानसून के लिए वरदान मानी जाती है।
- किसानों के लिए अच्छी खबर: समय से बारिश होने से खरीफ की फसलों की बुवाई वक्त पर हो सकेगी।
- चारधाम यात्रा: मानसून की जल्दी दस्तक को देखते हुए प्रशासन चारधाम यात्रियों के लिए सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और पुख्ता कर रहा है।
- सावधानी: मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि मानसून आने से पहले 'प्री-मानसून' गतिविधियों के कारण तेज आंधी और ओलावृष्टि हो सकती है, इसलिए पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्क रहें।

