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सल्ट में बाघ की दहशत: घर के आंगन तक पहुंचा खूंखार बाघ, ग्रामीणों ने भागकर बचाई जान, वन विभाग ने लगाया पिंजरा।

 


All India tv news। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गुलदार और बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सल्ट विकासखंड के तड़म गांव के तोक सतनिया से सामने आया है, जहाँ बाघ की बढ़ती सक्रियता ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। गुरुवार शाम को बाघ सीधे एक घर के आंगन तक पहुँच गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

[विजुअल: गांव के दृश्य / वन विभाग की टीम / पिंजरे की फुटेज]
जानकारी के मुताबिक, तोक सतनिया में रहने वाले इंदर सिंह की पत्नी, करीब 50 वर्षीय हरी देवी, शाम को अपने आंगन में काम कर रही थीं। तभी अचानक उनका सामना सीधे मौत से हुआ। आंगन के बेहद करीब एक विशालकाय बाघ खड़ा था। बाघ को देखते ही महिला के होश उड़ गए। उन्होंने सूझबूझ दिखाई और तुरंत दौड़कर घर के अंदर जाकर दरवाजा बंद कर लिया। घर के भीतर उनकी बुजुर्ग सास भी मौजूद थीं। शोर शराबा होने के बाद ग्रामीणों ने मिलकर बाघ को वहां से खदेड़ा।
इस घटना के बाद से 15 से 20 परिवारों वाले इस तोक में सन्नाटा पसरा हुआ है। पूर्व प्रधान दयाल सिंह का कहना है कि बाघ सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि आसपास के कई तोकों में लगातार घूम रहा है। लोग शाम होते ही अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
वन विभाग की कार्रवाई :-
खबर मिलते ही वन विभाग की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। विभाग ने पहले जो पिंजरा गांव से दूर लगाया था, उसे अब आबादी के बिल्कुल नजदीक शिफ्ट कर दिया गया है। वन कर्मियों की टीम गांव में ही डेरा डाले हुए है और लगातार गश्त कर रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शाम ढलने के बाद अकेले बाहर न निकलें और अपने बच्चों व मवेशियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। ग्रामीण अब मांग कर रहे हैं कि इस बाघ को जल्द से जल्द पकड़कर किसी सुरक्षित घने जंगल या जू में भेजा जाए।

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