All India tv news। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र से आज सावन के पहले सोमवार के दिन एक बेहद ही हृदयविदारक और दुखद घटना सामने आ रही है। यहाँ के प्रसिद्ध शिवालय मंदिर के पास बहने वाली सरयू नदी के तेज बहाव में लाहुर गांव का एक 8 वर्षीय मासूम बच्चा अचानक बह गया। घटना के बाद से पूरे कपकोट क्षेत्र में शोक और गहरी चिंता का माहौल बना हुआ है। बच्चे के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बेसुध हो गए हैं। आइए आपको बताते हैं कि आखिर यह पूरी घटना कैसे हुई।"
आज सावन के पहले सोमवार के पावन अवसर पर कपकोट के शिवालय मंदिर में सुबह से ही जलाभिषेक और भगवान शिव के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। इसी भीड़ में लाहुर गांव का रहने वाला 8 वर्षीय मासूम राकेश, पुत्र नंदन सिंह, भी अपने माता-पिता के साथ मंदिर आया हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चा अपनी मां के साथ सरयू नदी के किनारे जल भरने के लिए गया हुआ था। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने के कारण मासूम राकेश उफनती हुई नदी की चपेट में आ गया। बरसात के मौसम के कारण नदी अपने पूरे उफान पर थी और उसका बहाव बेहद तेज था।
लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे :-
जैसे ही बच्चा पानी में गिरा, वहाँ मौजूद परिजनों और अन्य श्रद्धालुओं ने तुरंत शोर मचाया और उसे बचाने का भरसक प्रयास किया। लेकिन नदी की उफनती हुई धारा इतनी तेज थी कि देखते ही देखते मासूम सबकी आँखों के सामने ओझल हो गया और पानी के तेज बहाव में दूर बह गया।
जैसे ही बच्चा पानी में गिरा, वहाँ मौजूद परिजनों और अन्य श्रद्धालुओं ने तुरंत शोर मचाया और उसे बचाने का भरसक प्रयास किया। लेकिन नदी की उफनती हुई धारा इतनी तेज थी कि देखते ही देखते मासूम सबकी आँखों के सामने ओझल हो गया और पानी के तेज बहाव में दूर बह गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी :-
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना अध्यक्ष के. प्रताप सिंह नगरकोटी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF) और फायर सर्विस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से नदी में बच्चे की खोज के लिए एक बड़ा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि, नदी का जलस्तर बढ़ा होने और पानी मटमैला होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा जानकारी मिलने तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना अध्यक्ष के. प्रताप सिंह नगरकोटी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF) और फायर सर्विस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से नदी में बच्चे की खोज के लिए एक बड़ा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि, नदी का जलस्तर बढ़ा होने और पानी मटमैला होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा जानकारी मिलने तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
चैनल की विशेष अपील :-
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इस समय सभी नदी-नाले उफान पर हैं। हमारा चैनल भी सभी श्रद्धालुओं और आम जनता से यह पुरज़ोर अपील करता है कि बरसात के इस मौसम में बच्चों को नदियों और तेज जलस्रोतों के पास अकेला बिल्कुल न छोड़ें। घाटों पर जाते समय पूरी सावधानी बरतें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

