All India tv news। देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने ठेकेदारों को बड़ी राहत देते हुए पंजीकरण की व्यवस्था को पूरी तरह सरल और ऑनलाइन कर दिया है। अब प्रदेश में किसी भी सरकारी विभाग में काम करने के लिए ठेकेदारों को अलग-अलग पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।
एक ही पंजीकरण से सभी विभागों में काम :-
वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। कैबिनेट से मंजूरी के बाद प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में ठेकेदारों के पंजीकरण के लिए एक समान व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब एक ही पंजीकरण के आधार पर ठेकेदार किसी भी विभाग में टेंडर भर सकेंगे।
अब तक ठेकेदारों को अलग-अलग विभागों में काम करने के लिए अलग-अलग पंजीकरण कराना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से ठेकेदारों को विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शिता बढ़ेगी :-
सरकार ने पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है ताकि व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी बन सके। ऑनलाइन सिस्टम में यदि कोई ठेकेदार उच्चतर श्रेणी के मानदंडों को पूरा करता है तो सिस्टम स्वतः ही उसकी श्रेणी को अपग्रेड कर देगा।
डी श्रेणी की सीमा बढ़ी, अब 1.5 करोड़ तक के टेंडर :-
नए आदेश में डी श्रेणी के ठेकेदारों के लिए भी अच्छी खबर है। अब डी श्रेणी के ठेकेदार 1.5 करोड़ रुपये तक के टेंडर ले सकेंगे। पहले यह सीमा 1 करोड़ रुपये तक थी।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश में निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ छोटे और मझोले ठेकेदारों को भी समान अवसर मिलेंगे।

