All India tv news। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की 'नो टॉलरेंस' नीति के तहत विजिलेंस लगातार एक्शन मोड में है, लेकिन सितारगंज तहसील में जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया। बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की टीम प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार के नेतृत्व में सितारगंज तहसील में जाल बिछाकर पहुंचती है। टीम ने यहाँ जमीन को बंधनमुक्त करने और लोन की आरसी कार्रवाई रोकने के एवज में संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को 8,000 रुपये और वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा को 6,000 रुपये की घूस लेते हुए दबोच लिया।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही फैली, लेखपाल और अमीन संघ समेत तमाम तहसील कर्मचारी भड़क उठे। कर्मचारियों ने विजिलेंस की इस छापेमारी को ही 'फर्जी' करार दे दिया। आक्रोशित कर्मियों ने आनन-फानन में तहसील के मुख्य शटर और गेट पर ताला ठोक दिया। नतीजा यह हुआ कि कार्रवाई करने आई 10 लोगों की विजिलेंस टीम खुद तहसील के भीतर करीब 6 घंटे तक बंधक बनी रही।
कर्मचारियों का पक्ष:-
तहसील संघ के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि विजिलेंस जिसे रिश्वत की रकम बता रही है, वह वास्तव में सरकारी ऋण और राजस्व वसूली की धनराशि थी, जिसे विभागीय प्रक्रिया के तहत वसूला जा रहा था। कर्मचारियों ने इस पूरी कार्रवाई के खिलाफ जिलाधिकारी (DM) से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि गलत कार्रवाई बर्दाश्त नहीं होगी।
तहसील संघ के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि विजिलेंस जिसे रिश्वत की रकम बता रही है, वह वास्तव में सरकारी ऋण और राजस्व वसूली की धनराशि थी, जिसे विभागीय प्रक्रिया के तहत वसूला जा रहा था। कर्मचारियों ने इस पूरी कार्रवाई के खिलाफ जिलाधिकारी (DM) से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि गलत कार्रवाई बर्दाश्त नहीं होगी।
तहसील के भीतर विजिलेंस टीम को बंधक बनाए जाने की सूचना से पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। माहौल में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। कल से ही अधिकारियों के स्तर पर गतिरोध को समाप्त करने और मामले को शांत कराने के लिए लगातार वार्ता चल रही है। लेकिन इस घटना ने सीधे तौर पर राज्य के प्रशासनिक अमले और जांच एजेंसियों के बीच एक बड़ी रार को सामने लाकर खड़ा कर दिया है।
- क्या है पूरा मामला?
- स्थान: सितारगंज तहसील कार्यालय, ऊधमसिंह नगर
- आरोपी: संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा, वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह
- आरोप: जमीन बंधनमुक्त कराने के नाम पर कुल ₹14,000 की घूस ली
- एक्शन: हल्द्वानी विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया
- क्यों हुआ बवाल?
- कर्मचारियों ने विजिलेंस की कार्रवाई को बताया 'फर्जी'
- तहसील के मुख्य गेट और शटर पर जड़ दिया ताला
- 10 विजिलेंस कर्मियों को 6 घंटे तक बनाए रखा बंधक
- कर्मचारियों का दावा: बरामद पैसा रिश्वत नहीं, 'राजस्व वसूली' था

