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सल्ट में प्राथमिकताओं और संकल्पों के साथ

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मिशन 2027

उत्तराखंड में फिर पेपर लीक! UKTU ने रद्द की दो सेमेस्टर परीक्षाएं; सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था पर्चा, प्रोफेसर 7 साल के लिए ब्लैकलिस्ट।

 


All India tv news। उत्तराखंड की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UKTU) में चल रही सम सेमेस्टर परीक्षाओं में पेपर लीक होने की पुष्टि हुई है। परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो गया।


इस बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। यही नहीं, गोपनीयता भंग करने के आरोपी बाहरी पेपर सेटर पर भी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। क्या है पूरा मामला और कब होंगी ये परीक्षाएं, देखिए हमारी इस विशेष रिपोर्ट में।"
  • उत्तराखंड में परीक्षाओं की शुचिता और गोपनीयता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। देहरादून स्थित उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी UKTU के सत्र 2025-26 की सम सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है। विश्वविद्यालय द्वारा 22 जुलाई को जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, परीक्षा से पहले ही एक विषय का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर लीक हो गया था।
  • शिकायत मिलते ही हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय स्तरीय जांच समिति और संबंधित संस्थान की आंतरिक जांच समिति ने इसकी गहन पड़ताल की। जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बाहरी प्रश्नपत्र निर्माता ने परीक्षा की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन करते हुए पेपर आउट किया था।
  • इस जांच रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने Machine Learning for Internet of Things (IOTT004) और Electromagnetic Field Theory (ECT043) विषयों की परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि इन दोनों ही विषयों की री-एग्जाम अब अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इसका विस्तृत शेड्यूल जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी होगा
  • इस धांधली पर विश्वविद्यालय ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। परीक्षा की गोपनीयता से खिलवाड़ करने वाले संबंधित बाहरी प्रश्नपत्र निर्माता को आगामी 7 वर्षों के लिए विश्वविद्यालय की सभी परीक्षा गतिविधियों से पूरी तरह प्रतिबंधित (ब्लैकलिस्ट) कर दिया गया है। साथ ही सभी संबद्ध संस्थानों को परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

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