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4 साल बाद फिर बना ऐसा संयोग: इस बार पूरे दिन राखी बांधने का शुभ मौका, जानें चंद्र ग्रहण पर होने पर भी क्यों नहीं भद्रा का साया।


All India tv news। भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक, रक्षाबंधन का त्योहार इस बार बेहद खास होने जा रहा है। पिछले चार सालों से रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहने के कारण बहनों को राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त का लंबा इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इस साल एक ऐसा दुर्लभ और शुभ संयोग बना है, जिसने भाई-बहनों की खुशी को दोगुना कर दिया है। इस बार पूरे दिन राखी बांधने का महामुहूर्त मिल रहा है।

क्यों खास है इस बार का संयोग?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पिछले 4 वर्षों से पूर्णिमा तिथि के शुरू होते ही भद्रा काल भी शुरू हो जाता था। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के कारण भद्रा काल में राखी बांधना वर्जित माना जाता है। इस वजह से बहनों को या तो देर रात का इंतजार करना पड़ता था या अगले दिन सुबह की भोर में राखी बांधनी पड़ती थी। लेकिन इस साल भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा, जिससे पूरा दिन पूरी तरह से दोषमुक्त और शुभ रहेगा।
पूरे दिन रहेगा राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
इस साल पूर्णिमा तिथि पर भद्रा का कोई विघ्न नहीं है। सुबह से लेकर शाम तक कई बेहद शुभ चौघड़िया और योग बन रहे हैं:
  • अमृत चौघड़िया: सुबह के समय पूजा और राखी के लिए सर्वोत्तम।
  • शुभ और लाभ चौघड़िया: दोपहर के समय भाई की लंबी उम्र की कामना के लिए शुभ।
  • सायंकाल मुहूर्त: शाम को गोधूलि बेला में भी रक्षासूत्र बांधा जा सकेगा।
त्योहार की तैयारियों में बढ़ा उत्साह
इस अद्भुत संयोग की खबर आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। बहनों को अब समय की पाबंदी की चिंता नहीं है, जिससे वे अपनी सुविधानुसार भाई के घर जाकर रक्षासूत्र बांध सकती हैं। पंडितों का मानना है कि ऐसा शुभ संयोग आने वाले समय में सुख, समृद्धि और पारिवारिक रिश्तों में मिठास बढ़ाने वाला साबित होगा।

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