- All India tv news। इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी ख़बर उत्तराखंड के कोटद्वार-पौड़ी नेशनल हाईवे से आ रही है, जहाँ आज एक बहुत बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सवारियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, लेकिन भगवान का शुक्र और एक भारी-भरकम पेड़ का सहारा ऐसा मिला कि बस बीच में ही अटक गई। इस हादसे में बस में सवार सभी 30 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा बुधवार को दोपहर के वक्त दुगड्डा और गुमखाल के बीच भदालीखाल (भेल्डा बैंड) के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन (GMOU) की यह बस कोटद्वार से पौड़ी-श्रीनगर के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस चढ़ाई वाले इस खतरनाक मोड़ पर पहुँची, अचानक गाड़ी का प्रेशर पाइप फट गया।
पाइप फटते ही बस आगे बढ़ने के बजाय ढलान पर पीछे की तरफ खिसकने लगी। ड्राइवर ने गाड़ी को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन बस बैक होकर सीधे सड़क किनारे गहरी खाई में उतर गई। बस जैसे ही खाई में पलटने वाली थी, तभी वह वहाँ मौजूद एक मजबूत चीड़ के पेड़ में जाकर फंस गई।
यात्रियों में मची चीख-पुकार, तुरंत पहुँचा रेस्क्यू दल :-
खाई की तरफ जाती बस को देखकर अंदर बैठे 30 यात्रियों की सांसें अटक गईं और चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनते ही स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसके साथ ही सूचना मिलते ही दुगड्डा, गुमखाल पुलिस चौकी और लैंसडौन कोतवाली से पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचे।
खाई की तरफ जाती बस को देखकर अंदर बैठे 30 यात्रियों की सांसें अटक गईं और चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनते ही स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसके साथ ही सूचना मिलते ही दुगड्डा, गुमखाल पुलिस चौकी और लैंसडौन कोतवाली से पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचे।
सभी यात्री सुरक्षित, मिला नया जीवन :-
पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्सियों के सहारे बेहद सूझबूझ से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और बस की खिड़कियों और दरवाजों से सभी 30 यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह है कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है, कुछ लोगों को मामूली खरोंचें आई हैं जिन्हें प्राथमिक उपचार दे दिया गया है। सभी यात्रियों ने सुरक्षित बाहर आने के बाद भगवान और उस पेड़ का शुक्रिया अदा किया जिसने आज 30 जिंदगियों को लीलने से बचा लिया।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने रस्सियों के सहारे बेहद सूझबूझ से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और बस की खिड़कियों और दरवाजों से सभी 30 यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह है कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है, कुछ लोगों को मामूली खरोंचें आई हैं जिन्हें प्राथमिक उपचार दे दिया गया है। सभी यात्रियों ने सुरक्षित बाहर आने के बाद भगवान और उस पेड़ का शुक्रिया अदा किया जिसने आज 30 जिंदगियों को लीलने से बचा लिया।
