All India tv news। उत्तराखंड में मौसम के बदलते मिजाज और भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर शनिवार, 26 सितंबर 2026 को राज्य के चार प्रमुख जिलों में स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चंपावत जिलों में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे।
आंगनबाड़ी केंद्रों में भी रहेगा अवकाश :-
यह राहत केवल स्कूली छात्रों तक ही सीमित नहीं है। जिला मजिस्ट्रेट और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार, इन चारों जिलों के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी 26 सितंबर को बंद रहेंगे।
यह राहत केवल स्कूली छात्रों तक ही सीमित नहीं है। जिला मजिस्ट्रेट और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार, इन चारों जिलों के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी 26 सितंबर को बंद रहेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और मानसून की विदाई के चलते अगले 48 घंटों में पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और कुछ संवेदनशील जगहों पर भूस्खलन की आशंका है। ऐसे में छात्र-छात्राओं और छोटे बच्चों को किसी भी तरह की असुविधा या खतरे से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, क्षेत्र में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और मानसून की विदाई के चलते अगले 48 घंटों में पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और कुछ संवेदनशील जगहों पर भूस्खलन की आशंका है। ऐसे में छात्र-छात्राओं और छोटे बच्चों को किसी भी तरह की असुविधा या खतरे से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है।
चैनल की अपील:
हमारे न्यूज़ चैनल "ऑल इंडिया टीवी न्यूज" की तरफ से सभी लोगों से अपील है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
हमारे न्यूज़ चैनल "ऑल इंडिया टीवी न्यूज" की तरफ से सभी लोगों से अपील है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।



