All india tv news। उत्तराखण्ड में कुछ दिनों पहले विधानसभा सत्र चल रहा था जिसमे कैबनेट द्वारा एक विधेयक पारित किया गया जिसमें जगली जानवर द्वारा मानव पर जानलेवा हमला कर हत्या करने पर छः लाख का मुवावजा देने पर मोहर लगाई गई। इससे मृतक के परिजनों को मिलने वाली राशि से कुछ आर्थिक सहायता मिलती है। लेकिन ? के बाद जब प्रश्न चिन्ह लगते है तो वो एक सोच का विषय बन जाता है।
प्रदेश सरकार भले ही मुआवजा कितना भी बढ़ाकर दे डाले, लेकिन पहाड़ों में जंगली जानवरों द्वारा स्थानीय लोगों पर जानलेवा हमले करने से नही रोक सकते है। पहाड़ों से बढ़ते पलायन को देखते हुए यह भी एक अहम हिस्सा बन चुका है।
नैनिताल जनपद के रामनगर में कार्बेट नेशनल पार्क की सीमा से सटे हुए धनगढ़ी के पास हाईवे से कुछ दूरी पर फोरेस्ट विभाग द्वारा गस्त के दौरान किसी व्यक्ति के कपड़े पड़े मिले। कर्मचारियों को बाघ का एरिया होने के कारण शक हुआ, शक के दौरान फॉरेस्ट गार्ड द्वारा इसकी जानकारी विभाग के उच्च अधिकारी को दी गई। जिसके बाद निदेशक धीरज पांडे व रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ कुंदन कुमार के नेतृत्व में दोनों विभागों की संयुक्त टीमों ने रात में ही हाइवे के नजदीक छानबीन की। वहा आसपास छानबीन शुरू की गई लेकिन शाम को अंधेरा होने के कारण सर्च अभियान को रोक दिया गया,अगले दिन सुबह फिर से सर्च अभियान शुरू करने पर धनगढ़ी के पास हाईवे से सौ मीटर दूरी पर किसी व्यक्ति का क्षतिग्रस्त शव बरामद हुआ, शव को शिनाख्त करने पर पता लगा की शव किसी विक्षिप्त व्यक्ति का है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हायर सेंटर भेज दिया गया है।
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