All India tv news। उत्तराखंड सरकार ने जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक सख्त और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य होगा। इस निर्णय के तहत, यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जानबूझकर अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति छुपाता है, तो उसके साथ-साथ उसके पूरे परिवार की संपत्ति की भी विस्तृत जांच की जाएगी।
पारदर्शिता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम :-
उत्तराखंड में विभिन्न विभागों में अधिकारियों द्वारा आय से कई गुना ज्यादा संपत्ति बनाने, फाइलों में धांधली, ठेकों में घोटाले और रिश्वतखोरी की शिकायतें वर्षों से आम रही हैं। जनता लगातार मांग कर रही थी कि अधिकारियों की अनियंत्रित और अघोषित संपत्ति पर प्रभावी कार्रवाई हो और टैक्स का पैसा सही जगह खर्च हो।
सरकार का यह कदम सीधे तौर पर इन शिकायतों को संबोधित करता है और यह साफ संदेश देता है कि "पारदर्शिता लानी होगी, नहीं तो सख्त कार्रवाई झेलने को तैयार रहें।"
फैसले की मुख्य बातें:-
संपत्ति का अनिवार्य ब्यौरा:- सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी कुल संपत्ति की घोषणा करना आवश्यक है।
सख्त जांच के प्रावधान:- आय से अधिक संपत्ति पाए जाने या संपत्ति छुपाने की स्थिति में कड़े जांच के नियम लागू किए गए हैं।
पारिवारिक संपत्ति की जांच:- दोषी पाए जाने पर न केवल संबंधित कर्मचारी, बल्कि उसके पूरे परिवार की संपत्ति की भी जांच की जाएगी, ताकि बेनामी संपत्ति पर पूरी तरह से शिकंजा कसा जा सके।
यह फैसला उत्तराखंड में भ्रष्ट सिस्टम को साफ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस फैसले को जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती से लागू करती है और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।

