All India tv news। इलेक्ट्रोहोम्योपैथिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन द्वारा आज (11 जनवरी 2026) महान चिकित्सक डॉ. काउंट सीज़र मैटी की 217वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रामनगर, नैनीताल स्थित कियान कार्बेट रिसोर्ट में संपन्न हुआ, जिसमें इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।
समारोह का मुख्य उद्देश्य डॉ. मैटी के अमूल्य योगदान और उनके द्वारा प्रतिपादित इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के सिद्धांतों को याद करना और उन्हें बढ़ावा देना था, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नई दिशा दी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर रामनगर विधानसभा विधायक दिवान सिंह बिष्ट उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए और डॉ. मैटी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं में प्रमुख रूप से डॉ. राजनिश कुमार शर्मा, डॉ. सुरेश राजपूत व डॉ. गिरीश चंद्र तिवारी शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने ज़ोर देकर कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी में अनुसंधान और विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिनका उपयोग जन-स्वास्थ्य के सुधार के लिए किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर बिजनौर, कशीपुर, जसपुर, खटीमा, बेलपड़ाव, हल्द्वानी और टनकपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के इलेक्ट्रो होम्योपैथिक डॉक्टरों ने अपने नैदानिक अनुभव साझा किए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को और मजबूत करना और इसे जन-जन तक पहुंचाना था।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेश राजपूत ने किया। उपस्थित सभी डॉक्टरों ने इलेक्ट्रो होम्योपैथिक को आगे बढ़ाने के लिए अपने विचार रखे और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर डॉ. रजनीश कुमार शर्मा ने विशेष रूप से चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सकों को अपने अनुभवों और उपचार के सफल मामलों को केवल मौखिक रूप से साझा करने के बजाय, उन्हें सबूत के साथ दस्तावेजित और प्रस्तुत करना चाहिए। उनका मानना था कि साक्ष्य-आधारित अभ्यास ही इस चिकित्सा पद्धति की विश्वसनीयता और स्वीकार्यता को बढ़ा सकता है।
इस कार्यक्रम ने इलेक्ट्रो होम्योपैथी के चिकित्सकों को एक मंच पर लाकर उनके बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया और उन्हें इस क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका उद्देश्य इस अनूठी चिकित्सा पद्धति में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है, जिससे यह आम लोगों तक आसानी से पहुँच सके। इस समारोह को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसने उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया।











