All India tv news। नई दिल्ली: जहाँ एक ओर देश चैन की नींद सो रहा था, वहीं समंदर की ठंडी लहरों के बीच एक 7 साल की बच्ची इतिहास रच रही थी। पुणे की रहने वाली मात्र 7 वर्षीय सारा अभिजीत वर्तक ने वह कारनामा कर दिखाया है, जिसे देखकर बड़े-बड़े तैराक भी हैरान हैं।
आमतौर पर जिस उम्र में बच्चे मोबाइल फोन और खिलौनों में उलझे रहते हैं, उस उम्र में सारा ने दृढ़ संकल्प और अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
9 घंटे 32 मिनट का अथक संघर्ष :-
सारा ने बिना रुके, बिना हार माने, ठंड और थकान को मात देते हुए कुल 36 किलोमीटर की दूरी तैरकर पूरी की। यह असाधारण उपलब्धि उन्होंने 9 घंटे 32 मिनट के रिकॉर्ड समय में हासिल की। यह सफर सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता की भी एक मिसाल है।
हिम्मत ने हालात बदल दिए :-
इस छोटी उम्र में इतनी बड़ी चुनौती स्वीकार करना और उसे सफलतापूर्वक पूरा करना यह साबित करता है कि सफलता के लिए उम्र या हालात नहीं, बल्कि हिम्मत और हौसला मायने रखता है। सारा ने साबित कर दिया है कि "मैं कर सकता हूँ" का जज्बा ही इंसान को असाधारण बनाता है।
भारत को सारा अभिजीत वर्तक पर गर्व है। उन्होंने न केवल एक विश्व रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि देश भर के लाखों लोगों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी किया है। सारा की यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए एक संदेश है जो बहाने बनाता है।

