All India tv news। प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, और इस बात को सच कर दिखाया है उत्तराखंड के हल्द्वानी की एक नन्ही जलपरी ने। महज 1 वर्ष 9 माह की मेहर कौर ने वो कारनामा कर दिखाया है, जिसे सुनकर पूरी दुनिया दंग है। आइए जानते हैं कैसे इस छोटी सी उम्र में मेहर ने अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज कराया।
हल्द्वानी की नन्ही मेहर कौर ने अपनी असाधारण याददाश्त और बुद्धिमत्ता से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देवभूमि का मान बढ़ाया है। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित World Book of Records Summit में मेहर को आधिकारिक तौर पर 'जीनियस' के खिताब से नवाजा गया।
मुख्य आकर्षण:-
अद्भुत स्मरण शक्ति:- मात्र 19 महीने की आयु में मेहर ने सामान्य ज्ञान के 25 जटिल प्रश्नों के बिना किसी झिझक के सटीक उत्तर दिए।
विश्व रिकॉर्ड:- इतनी कम उम्र में इस स्तर की बौद्धिक क्षमता को देखते हुए उनका नाम World Book of Records में दर्ज किया गया है।
माता-पिता का योगदान:- मेहर के माता-पिता, डॉ. हरलीन कौर और डॉ. गुर्रौनक सिंह का मानना है कि घर के सकारात्मक वातावरण और निरंतर संवाद ने मेहर की इस प्रतिभा को निखारा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में बच्चों का आत्मविश्वास के साथ इतने सवालों का जवाब देना एक दुर्लभ घटना है। मेहर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में, बल्कि पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है।
नन्ही मेहर ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही मार्गदर्शन मिले, तो छोटे कदम भी बड़ी उपलब्धियों तक पहुँच सकते हैं। टीम ऑल इंडिया टीवी न्यूज की ओर से मेहर को उज्ज्वल भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएँ।



