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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

रंगोत्सव 2026: देश भर में उल्लास की लहर, भक्ति और परंपरा के साथ मनाएं रंगों का महापर्व]

 


All India tv news। पूरा देश रंगों के उत्सव 'होली' में सराबोर होने जा रहा है। काशी के घाटों से लेकर दिल्ली की गलियों तक, हर तरफ गुलाल और भाईचारे की खुशबू है। लेकिन इस साल की होली कुछ खास है, क्योंकि इसमें भक्ति के साथ-साथ एक दुर्लभ खगोलीय घटना का संयोग भी जुड़ा है। आइए देखते हैं हमारी इस खास रिपोर्ट में कि कैसे मनाया जा रहा है 'रंगोत्सव 2026'।"

1. शुभ मुहूर्त और तिथियां :-

इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से शुरू होकर 3 मार्च की शाम तक रहेगी। होलिका दहन का पर्व मंगलवार, 3 मार्च की रात को मनाया जा रहा है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। वहीं, रंगों वाली मुख्य धुलेंडी (होली) बुधवार, 4 मार्च 2026 को खेली जाएगी।

2. खगोलीय संयोग: होली पर चंद्र ग्रहण :-

साल 2026 की होली पर एक दुर्लभ पूर्ण चंद्र ग्रहण लग रहा है। ज्योतिषविदों के अनुसार, 3 मार्च को लगने वाले इस ग्रहण के कारण 'सूतक काल' का प्रभाव रहेगा। इसी वजह से कई स्थानों पर होलिका पूजन और धार्मिक अनुष्ठान ब्रह्म मुहूर्त में ही संपन्न किए जा रहे हैं।

3. ब्रज से बंगाल तक उत्सव के अनेक रूप :-

ब्रज की लठमार होली: मथुरा, वृंदावन और बरसाना में 'रंगोत्सव' की धूम पिछले कई दिनों से जारी है। यहाँ की विश्व प्रसिद्ध लठमार होली और फूलों वाली होली देखने के लिए लाखों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।

काशी की मसान होली: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चिता की भस्म से होली खेलकर महादेव के भक्त अपनी अनूठी परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं।

शांतिनिकेतन का बसंत उत्सव: पश्चिम बंगाल में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा शुरू किया गया 'बसंत उत्सव' पारंपारिक गीतों और पीले परिधानों के साथ हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है।

4. ईको-फ्रेंडली होली और सुरक्षा :-

इस बार बाजारों में केमिकल युक्त रंगों के बजाय हर्बल और ऑर्गेनिक गुलाल की भारी मांग देखी जा रही है। प्रशासन ने भी पानी की बर्बादी रोकने और हुड़दंगियों पर लगाम कसने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि रंगों से पहले त्वचा पर तेल या मॉइस्चराइजर का प्रयोग जरूर करें।

"होली का यह त्योहार आपके जीवन में खुशियों के नए रंग भरे। हम आपसे अपील करते हैं कि सुरक्षित तरीके से होली खेलें, बेजुबान जानवरों को रंगों से दूर रखें और आपसी सौहार्द बनाए रखें। [आपके न्यूज़ चैनल का नाम] की पूरी टीम की ओर से आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं। देश-दुनिया की अन्य खबरों के लिए बने रहिए हमारे साथ।"

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