All India tv news। भारतीय रेलवे, जिसे देश की लाइफलाइन कहा जाता है, अब अवैध गतिविधियों का सुरक्षित अड्डा बनती जा रही है। राजस्थान से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के AC कोच में अब सिर्फ बेडरोल और खाना ही नहीं, बल्कि आपकी सीट पर 'मनचाही शराब' भी पहुंच रही है। मीडिया रिपोर्ट की एक चौंकाने वाली जांच में सामने आया है कि ट्रेन का स्टाफ ही यात्रियों को शराब की होम डिलीवरी दे रहा है।
रिपोर्ट की मुख्य बातें:-
ऑर्डर पर शराब:- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मरुधर एक्सप्रेस (जोधपुर से वाराणसी) सहित 4 अलग-अलग ट्रेनों में यात्रा कर इस काले खेल का पर्दाफाश किया गया है। इसके मुताबिक, AC कोच में तैनात अटेंडेंट से आप लंच या डिनर की तरह शराब का ऑर्डर दे सकते हैं।
सीट पर डिलीवरी:- ट्रेन के रवाना होते ही कोच अटेंडेंट, चादर-तकिया देने वाले स्टाफ और यहाँ तक कि चिप्स-बिस्कुट बेचने वाले वेंडर भी शराब की तस्करी में शामिल पाए गए। ऑर्डर देने के कुछ ही देर बाद स्टाफ बैग में छिपाकर शराब की बोतल यात्री की सीट तक पहुंचा देता है।
सुरक्षा पर बड़ा खतरा:- ट्रेनों में शराब की इस अवैध बिक्री से महिला यात्रियों और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नशे की हालत में यात्रियों द्वारा किए जाने वाले दुर्व्यवहार की घटनाओं का डर बना रहता है।
एडवांस बुकिंग और मोबाइल नंबर:- जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ये स्टाफ सदस्य अगली यात्रा के लिए अपना मोबाइल नंबर भी देते हैं ताकि यात्री पहले से अपनी पसंद की ब्रांड की शराब बुक कर सकें।
कड़ी कार्रवाई की मांग:- हालांकि रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत ट्रेनों में शराब पीना या बेचना दंडनीय अपराध है, लेकिन स्टाफ की मिलीभगत से यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। हाल ही में लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस के AC डक्ट से भी भारी मात्रा में शराब बरामद हुई थी।

