All India tv news। आज भारत ने तकनीक की दुनिया में एक ऐसी छलांग लगाई है जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ग्लोबल इंडिया एआई समिट 2026' के दौरान एक बड़ा विजन पेश करते हुए कहा है कि भारत अब एआई का वैसा ही वर्जन तैयार करेगा जैसे उसने UPI बनाया था। इसका सीधा मतलब है—अब शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक, हर डिजिटल समस्या का समाधान 'मेड इन इंडिया' एआई के पास होगा।"
मुख्य बिंदु :-
अपना कोड, अपनी पहचान:- पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि इस डिजिटल सदी का कोड अब भारत खुद लिखेगा। हम तकनीक के केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनेंगे।
AI बना 'जन-शक्ति' का साधन:- जिस तरह UPI ने बैंकिंग को घर-घर पहुँचाया, वैसे ही भारत का एआई मॉडल शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसी सेवाओं को हर नागरिक के मोबाइल तक पहुँचाएगा।
इंडिया AI मिशन को नई रफ़्तार:- सरकार ने इस विजन के लिए 10,371 करोड़ रुपये के 'इंडिया एआई मिशन' को मंजूरी दी है, जिसके तहत 500 से ज्यादा डेटा लैब और सुपरकंप्यूटिंग क्षमताएं विकसित की जा रही हैं।
विश्वगुरु बनने की ओर कदम:- पीएम ने कहा कि भारत को दुनिया की टॉप 3 एआई महाशक्तियों में शामिल होना है। भारतीय एआई मॉडल दुनिया भर की सैकड़ों भाषाओं में सेवाएं देंगे।
समावेशी विकास -: इस समिट की थीम 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' रखी गई है, जिसका उद्देश्य एआई का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।
पीएम मोदी का मुख्य कोट:-
"एआई में आत्मनिर्भर भारत का अर्थ है—डिजिटल सदी के लिए भारत द्वारा अपना खुद का कोड लिखना। हमारा एआई मॉडल मानवीय मूल्यों पर आधारित होगा और दुनिया के लिए एक उदाहरण बनेगा।"

