All India tv news। सल्ट : उत्तराखंड वन विभाग द्वारा प्रदेशभर में वनाग्नि से सुरक्षा और आपदा-प्रबंधन की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। विभाग के अनुसार राज्य के 40 से अधिक वन प्रभागों में यह अभ्यास एक साथ किया गया, ताकि वनाग्नि की स्थिति में विभागीय समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और त्वरित कार्रवाई की क्षमता का आकलन किया जा सके।
अतिरक्तभूमि सन्निक्षण वन प्रभाग के अंतर्गत सल्ट क्षेत्र के झिमार इलाके में भी यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान वन विभाग की टीमों ने आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर बचाव एवं शमन कार्यों का अभ्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि यह एक प्रशिक्षण अभ्यास है, जिसका उद्देश्य यह देखना है कि विभाग और स्थानीय स्तर पर कितनी तैयारियां मौजूद हैं और किसी भी आपात स्थिति में कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सकती है।
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डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) ने कहा कि वन सभी नागरिकों की साझा धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सामूहिक है। Indian Forest Act के तहत न केवल वन विभाग, बल्कि अन्य विभागों और वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को भी वनाग्नि की रोकथाम और नियंत्रण में सहयोग करना अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर जंगल में आग लगाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित कानूनों के तहत ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाते हैं।
वन विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे जंगलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और आग लगने की स्थिति में तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते नुकसान को रोका जा सके।

