expr:class='data:blog.pageType' id='mainContent'>

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

उत्तराखंड खेल महाकुंभ का भव्य समापन: देहरादून बना 'चैंपियन', मुख्यमंत्री धामी ने खिलाड़ियों पर की पुरस्कारों की बौछार।

 


All India tv news। उत्तराखंड के खेल जगत से आज एक बड़ी और गौरवशाली खबर सामने आ रही है। प्रदेश में प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से आयोजित 'मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26' का शानदार समापन हो गया है। इस महाकुंभ में देहरादून जिले ने अपनी बादशाहत कायम करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। 23 नवंबर से शुरू हुए इस खेलों के महाकुंभ ने प्रदेश को कई नए सितारे दिए हैं।


राजधानी देहरादून में आयोजित समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेता टीम को ट्रॉफी और 5 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। इस प्रतियोगिता के आंकड़ों पर नजर डालें तो देहरादून का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा।

देहरादून की जीत:- जिले ने कुल 318 पदक जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसमें 146 स्वर्ण, 92 रजत और 80 कांस्य पदक शामिल हैं।

अन्य जिलों का प्रदर्शन:- ऊधम सिंह नगर 255 पदकों (78 स्वर्ण) के साथ दूसरे और हरिद्वार 210 पदकों (82 स्वर्ण) के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, रुद्रप्रयाग ने भी 14 पदक जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

मुख्यमंत्री का संबोधन:- 

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह खेल महाकुंभ प्रदेश की छिपी हुई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बना है। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी कीं:

नकद पुरस्कार:- पदक विजेताओं को कुल 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में भेजी जा रही है।

सरकारी नौकरी:- मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4% खेल कोटा (आरक्षण) का लाभ दे रही है।

रिकॉर्ड भागीदारी:- इस बार प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 1.62 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया, जो राज्य के खेल इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

18 फरवरी 2026 को समाप्त हुए इस खेल महाकुंभ ने यह साबित कर दिया है कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार के प्रोत्साहन और सही मंच मिलने से अब देवभूमि के ये खिलाड़ी आने वाले समय में ओलंपिक और नेशनल गेम्स में देश का तिरंगा फहराने के लिए तैयार हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.