All India tv news। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शराब के ठेकों पर ओवररेटिंग (MRP से ज्यादा दाम वसूलना) की बढ़ती शिकायतों को देख जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक अनोखा और साहसी कदम उठाया। डीएम ने किसी लाव-लश्कर या सरकारी अमले के बजाय एक आम ग्राहक की तरह खुद मोर्चा संभाला।
मुख्य बातें:-
आम ग्राहक का रूप: जिलाधिकारी सविन बंसल बिना किसी सुरक्षा गार्ड या सरकारी गाड़ी के, खुद अपनी प्राइवेट कार चलाकर ओल्ड मसूरी रोड स्थित अंग्रेजी शराब के ठेके पर पहुंचे। सफेद शर्ट और पैंट पहने डीएम को कोई पहचान नहीं सका।
ओवररेटिंग का जाल:- डीएम बंसल अन्य ग्राहकों के साथ लाइन में लगे और अपना नंबर आने पर मैकडॉवेल (McDowell's) की एक बोतल मांगी। सेल्समैन ने ₹660 की बोतल के लिए उनसे ₹680 मांगे।
मौके पर कार्रवाई:- ₹20 अतिरिक्त वसूलने और MRP से अधिक दाम मांगने पर जिलाधिकारी ने तुरंत अपनी पहचान उजागर की। यह जानते ही ठेके के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जांच में पाया गया कि दुकान पर न तो रेट लिस्ट चस्पा थी और न ही कर्मचारियों के पास ID कार्ड थे।
भारी जुर्माना:- अनियमितताओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल ठेका संचालक पर ₹50,000 का जुर्माना ठोक दिया और आबकारी विभाग को सख्त चेतावनी दी।
सिस्टम को सख्त संदेश:-
लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद जब कार्रवाई के बाद भी दुकानदार पुराने ढर्रे पर लौटने लगे, तो IAS सविन बंसल ने खुद फील्ड पर उतरकर यह संदेश दिया है कि जनता की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम की इस 'सिंघम' स्टाइल कार्रवाई की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।

