All India tv news। देहरादून/चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम के मिजाज बदलने के साथ ही प्रशासन ने भारी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य की ऊंची चोटियों पर जमकर बर्फबारी हुई है, जिसके बाद उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
ऑरेंज अलर्ट जारी:- मौसम विभाग ने इन तीन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका अर्थ है कि इन क्षेत्रों में बर्फ की परतें अस्थिर हैं और प्राकृतिक हिमस्खलन की प्रबल संभावना है।
धामों में बर्फबारी:- बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की ऊंची चोटियों पर पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। बद्रीनाथ धाम और आसपास के पहाड़ों जैसे नीलकंठ पर्वत पर बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है।
येलो अलर्ट वाले जिले:- पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों को 'येलो अलर्ट' श्रेणी में रखा गया है, जहाँ मध्यम खतरे की आशंका जताई गई है।
प्रशासन की चेतावनी और निर्देश:-
यात्रा से बचें:- आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और ट्रैकर्स को बर्फ से ढके ढलानों और संवेदनशील रास्तों पर न जाने की सख्त सलाह दी है।
छतों से बर्फ हटाएँ:- ऊंचे इलाकों में रह रहे लोगों को अपने घरों और पशुशालों की छतों से लगातार बर्फ हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वजन बढ़ने से कोई दुर्घटना न हो।
सुरक्षित स्थानों पर पलायन:- अत्यधिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों में रह रहे लोगों को अस्थायी रूप से निचले और सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
मार्ग अवरुद्ध:- भारी बर्फबारी के कारण ऋषिकेश-बद्रीनाथ और ऋषिकेश-गंगोत्री सहित कई राष्ट्रीय राजमार्ग और 60 से अधिक संपर्क मार्ग यातायात के लिए प्रभावित हुए हैं।
मौसम विभाग का अनुमान:-
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है।

