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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल: सल्ट में भूकंप और वनाग्नि जैसी आपदाओं से निपटने का परखा गया दम।

 


All India tv news।  अल्मोड़ा (सल्ट): उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का दूसरा चरण आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जनपद अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में प्रशासन और विभिन्न विभागों ने एकजुट होकर भूकंप, वनाग्नि, सड़क दुर्घटना और बस हादसों जैसी आपातकालीन स्थितियों पर व्यापक अभ्यास किया।

प्रशासनिक मुस्तैदी और कमान:-

मॉक ड्रिल के दौरान कमाण्ड पोस्ट ब्रीफिंग, रिसोर्स और फैसिलिटी यूनिट का बारीकी से निरीक्षण किया गया। उपजिलाधिकारी रेनू बिष्ट के नेतृत्व में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया, जिसमें तहसीलदार और एस.ओ. सल्ट ने समन्वय की कमान संभाली। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय रिस्पॉन्स टाइम को कम करना और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना था।




स्वास्थ्य और बचाव दल की सक्रियता:-

राहत कार्यों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाई। डॉ. असरफ खान, डॉ. वैभव, डॉ. रोबिन सिंह और उनकी टीम (गोपाल उपाध्याय, काजल आर्या, सी.एच.ओ. विवेक) ने घायलों के तत्काल उपचार का अभ्यास किया। वहीं, 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं से महेंद्र सिंह रावत, संग्राम सिंह और कैलाश नेलवाल ने रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




पुलिस और फायर ब्रिगेड का शौर्य:-

सुरक्षा व्यवस्था और बचाव कार्य में पुलिस बल की ओर से एस.ओ. कश्मीर सिंह, एस.आई. लखविंदर और लोमेश कुमार सक्रिय रहे। फायर ब्रिगेड की टीम से महिपाल सिंह, चालक दयाधर ध्यानी और अन्य जवानों ने वनाग्नि और दुर्घटना स्थल पर राहत कार्य का प्रदर्शन किया।






इस मॉक अभ्यास में पीडब्ल्यूडी , बाल विकास, यूपीसीएल और राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभ्यासों से भविष्य में आने वाली किसी भी प्राकृतिक या मानव जनित आपदा से निपटने में मदद मिलेगी।

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