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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

NCERT का बड़ा फैसला: कक्षा 9वीं के लिए अब 'Beehive' और 'Moments' की जगह आएगी एक नई किताब ‘कावेरी’।

 


All India tv news। शिक्षा जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 9 के अंग्रेजी पाठ्यक्रम में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। अब छात्रों को दो अलग-अलग किताबों के बोझ से मुक्ति मिलेगी और वे भारतीय संस्कृति व लेखकों से ज्यादा गहराई से जुड़ पाएंगे।

NCERT ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) के अनुरूप कक्षा 9 के लिए अंग्रेजी की एक नई एकीकृत पाठ्यपुस्तक ‘कावेरी’ (Kaveri) तैयार की है। यह किताब अब तक पढ़ाई जाने वाली दो प्रसिद्ध किताबों ‘Beehive’ और ‘Moments’ की जगह लेगी।

इस नई किताब की मुख्य विशेषताएं क्या हैं? आइए जानते हैं:-

सिलेबस हुआ छोटा और संतुलित:- अब दो किताबों के बजाय केवल एक ही किताब ‘कावेरी’ पढ़ाई जाएगी, जिसमें कुल 16 चैप्टर शामिल किए गए हैं।

भारतीय लेखकों को प्राथमिकता:- इस बार पाठ्यक्रम में भारतीय गौरव को प्रमुखता दी गई है। किताब में 8 भारतीय और 6 विदेशी लेखकों की रचनाएं शामिल हैं।

सुधा मूर्ति से होगी शुरुआत:- किताब की शुरुआत मशहूर लेखिका सुधा मूर्ति की प्रेरणादायक कहानी “How I Taught My Grandmother to Read” से होती है।

प्रमुख भारतीय रचनाकार:- सिलेबस में रबींद्रनाथ टैगोर, सुब्रमण्य भारती, सुधा मूर्ति, टेम्सुला आओ और मित्रंजन फूकन जैसे दिग्गज लेखकों को जगह मिली है।

IKS और आधुनिक प्रेरणा:- इसमें 'इंडियन नॉलेज सिस्टम' (IKS) के तत्वों को जोड़ा गया है। साथ ही, पैरालिंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक के इंटरव्यू पर आधारित एक खास चैप्टर भी शामिल किया गया है, जो छात्रों को जीवन के संघर्षों से लड़ने की प्रेरणा देगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से न केवल छात्रों के बस्ते का बोझ कम होगा, बल्कि वे अपनी जड़ों और भारतीय साहित्य से बेहतर तरीके से परिचित हो सकेंगे। 






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