All India tv news। देहरादून/चमोली: उत्तराखंड के युवाओं के हौसले और प्रतिभा ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर राज्य का नाम रोशन किया है। चमोली जिले के विकासखंड पोखरी के अंतर्गत सेरा मालकोटी गांव के निवासी युवा पर्वतारोही राहुल सिंह नेगी ने दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया है।
बर्फीले तूफानों को मात देकर पाई सफलता :-
राहुल नेगी ने यह ऐतिहासिक कामयाबी बेहद कठिन परिस्थितियों में हासिल की। एवरेस्ट अभियान के दौरान उन्हें हाड़ कंपाने वाली ठंड, खतरनाक बर्फीले तूफानों और अनिश्चित मौसम की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन अपने दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और अटूट जुनून के बल पर उन्होंने हर बाधा को पार करते हुए शिखर को छू लिया।
पूरे उत्तराखंड में जश्न का माहौल :-
राहुल की इस अभूतपूर्व उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव सेरा मालकोटी सहित पूरे चमोली जनपद में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण और स्थानीय युवा ढोल-दमाऊ की थाप पर जश्न मना रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राहुल को बधाई संदेश भेजे हैं। सोशल मीडिया पर भी उन्हें देश और प्रदेश भर से लगातार शुभकामनाएं मिल रही हैं।
सीमित संसाधन, असीमित हौसला :-
स्थानीय लोगों और युवाओं का कहना है कि राहुल की यह सफलता उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी दुनिया के सबसे ऊंचे मुकाम को हासिल किया जा सकता है। पहाड़ के युवा आज हर क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

