All India tv news। उत्तराखंड के जंगलों में धधकती आग अब इंसानी जिंदगियों को निगलने लगी है। टिहरी जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां अपनी संपत्ति को बचाने की कोशिश में एक महिला ने दम तोड़ दिया।
पैंडुला गांव की हृदयविदारक घटना :-
टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पैंडुला में वनाग्नि ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें चीड़ के जंगलों से होते हुए आबादी क्षेत्र तक पहुँच गईं।
वीरता और ममता के बीच हुआ हादसा :-
मृतक महिला की पहचान 50 वर्षीय अंजू देवी के रूप में हुई है। चश्मदीदों के अनुसार, जंगल की आग तेजी से उनके घर और गौशाला की ओर बढ़ रही थी। अपने आशियाने और मवेशियों को सुरक्षित करने के जुनून में वह खुद आग बुझाने के प्रयास में जुट गईं। लेकिन हवा के तेज झोंकों के कारण आग ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और वह बुरी तरह झुलस गईं, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक महिला की पहचान 50 वर्षीय अंजू देवी के रूप में हुई है। चश्मदीदों के अनुसार, जंगल की आग तेजी से उनके घर और गौशाला की ओर बढ़ रही थी। अपने आशियाने और मवेशियों को सुरक्षित करने के जुनून में वह खुद आग बुझाने के प्रयास में जुट गईं। लेकिन हवा के तेज झोंकों के कारण आग ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और वह बुरी तरह झुलस गईं, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
प्रशासनिक कार्रवाई और आक्रोश :-
- सूचना मिलते ही राजस्व विभाग और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
- शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी रोष है; लोगों का आरोप है कि विभाग वनाग्नि नियंत्रण में विफल रहा है।
अपील:- पहाड़ों में सूखे की स्थिति के कारण जंगल की आग बेहद खतरनाक हो गई है। कृपया आग लगने पर खुद जोखिम न उठाएं और तुरंत फायर ब्रिगेड (101) या वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।

