All India tv news। इस वक्त की एक बहुत बड़ी राजनीतिक और शिक्षा जगत से जुड़ी खबर दक्षिण भारत से आ रही है। NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद, देश भर में गुस्सा है। इसी बीच, तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख थलपति सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर नीट परीक्षा को देश से पूरी तरह समाप्त करने की मांग कर दी है।
थलपति विजय के बयान और प्रदर्शन :-
मुख्यमंत्री थलपति विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक कड़ा आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा का रद्द होना इस बात का पुख्ता सबूत है कि राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा प्रणाली में गंभीर संरचनात्मक खामियां हैं। विजय ने याद दिलाया कि साल 2024 में भी इसी तरह पेपर लीक हुआ था, जिसकी सीबीआई जांच चल रही है। उसके बाद इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की कमेटी ने सुधार के लिए 95 सुझाव भी दिए थे, लेकिन महज दो साल के भीतर 2026 में फिर से पेपर लीक हो गया।
मुख्य बिंदु :-
- करियर पर कुठाराघात: सीएम विजय के मुताबिक, इस धांधली ने डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले देश के 22 लाख से अधिक छात्रों का भरोसा और उम्मीदें तोड़ दी हैं।
- गरीब और ग्रामीण छात्रों से अन्याय: नीट परीक्षा महंगी कोचिंग सेंटरों पर निर्भर है, जिससे ग्रामीण इलाकों, सरकारी स्कूलों और तमिल माध्यम के गरीब बच्चों को भारी नुकसान हो रहा है।
- तमिलनाडु की पुरानी मांग: तमिलनाडु शुरू से ही नीट का विरोध करता रहा है।
नीट परीक्षा के विरोध में देश भर में प्रदर्शन के दृश्य :-
मुख्यमंत्री थलपति विजय ने केंद्र सरकार के सामने एक बड़ा विकल्प रखा है। उन्होंने मांग की है कि राज्यों को उनके अपने कोटे के तहत आने वाली MBBS, BDS और AYUSH पाठ्यक्रमों की सीटों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर भरने की अनुमति दी जाए। इससे हर पृष्ठभूमि के बच्चे को चिकित्सा शिक्षा में आगे बढ़ने का समान और पारदर्शी अवसर मिल सकेगा।
इस पूरे मामले पर सीबीआई (CBI) देश के कई राज्यों में छापेमारी कर रही है और अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। लेकिन सवाल वही बना हुआ है कि क्या नीट जैसी बड़ी परीक्षा के सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह सुधारना मुमकिन है, या फिर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय की यह मांग सही है कि राज्यों को उनके अधिकार वापस देकर 12वीं की मेरिट लिस्ट के आधार पर ही मेडिकल एडमिशन की अनुमति दी जानी चाहिए।

