All India tv news। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल प्रभाग से आज सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शनिवार, 27 जून 2026 की सुबह लगभग 10 बजे नैनीडांडा विकास खंड के पट्टी बिजलोट स्थित ग्राम सभा बनासी-तल्ली (तोक सतखोलू) में गुलदार ने एक महिला को अपना निवाला बना लिया।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, गांव की निवासी सुशीला देवी (उम्र लगभग 55 वर्ष) रोज़मर्रा की तरह मवेशियों के लिए चारा पत्ती जुटाने गांव के ऊपरी हिस्से में स्थित जंगलों की तरफ गई थीं। इसी दौरान पहले से ही घात लगाकर बैठे एक हिंसक गुलदार ने अचानक उन पर पीछे से जानलेवा हमला कर दिया।
शोर मचाने पर भागा गुलदार, पर तब तक टूट चुकी थीं सांसें :-
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुशीला देवी के साथ मौके पर एक अन्य महिला (शांति देवी) भी मौजूद थीं। गुलदार को हमला करता देख उन्होंने तुरंत बहादुरी दिखाते हुए शोर मचाना शुरू किया और ग्रामीणों को आवाज दी। चीख-पुकार और ग्रामीणों को इकट्ठा होता देख गुलदार घबराकर वहां से जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ। लेकिन जब तक ग्रामीण और परिजन सुशीला देवी के पास पहुंचे, तब तक उनके गहरे घावों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुशीला देवी के साथ मौके पर एक अन्य महिला (शांति देवी) भी मौजूद थीं। गुलदार को हमला करता देख उन्होंने तुरंत बहादुरी दिखाते हुए शोर मचाना शुरू किया और ग्रामीणों को आवाज दी। चीख-पुकार और ग्रामीणों को इकट्ठा होता देख गुलदार घबराकर वहां से जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ। लेकिन जब तक ग्रामीण और परिजन सुशीला देवी के पास पहुंचे, तब तक उनके गहरे घावों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
गाँव में पसरा मातम, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल :-
इस दर्दनाक हादसे के बाद से बनासी-तल्ली और पट्टी बिजलोट के तमाम गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं दूसरी ओर, ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए।
इस दर्दनाक हादसे के बाद से बनासी-तल्ली और पट्टी बिजलोट के तमाम गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं दूसरी ओर, ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन प्रभाग पौड़ी की टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके के लिए रवाना हो गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए, क्षेत्र में वन विभाग की गश्त तुरंत बढ़ाई जाए और इस आदमखोर हो चुके गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा और ट्रैप कैमरे लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
हमारी न्यूज़ टीम ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करती है।

