All India tv news। अक्सर 5 साल की उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं या कार्टून देखने में व्यस्त रहते हैं। लेकिन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक ऐसी नन्हीं परी है, जिसने इस उम्र में हाथों में क्रिकेट का बल्ला और विकेटकीपिंग ग्लव्स थाम लिए हैं। हम बात कर रहे हैं 5 साल की वेदिका वर्मा की, जो अपनी हैरतअंगेज विकेटकीपिंग, शानदार फील्डिंग और बेहतरीन बल्लेबाजी से बड़े-बड़े क्रिकेटर्स को हैरान कर रही हैं। आइए देखते हैं मैदान से हमारी यह विशेष रिपोर्ट।
देहरादून के नेहरूग्राम की रहने वाली 5 साल की वेदिका वर्मा आजकल क्रिकेट के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। महज 8 महीने की ट्रेनिंग के बाद वेदिका का खेल ऐसा निखर कर सामने आया है कि वे अपने से दोगुनी उम्र के खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अभ्यास कर रही हैं। वेदिका की सबसे बड़ी ताकत है विकेट के पीछे उनकी फुर्ती। गेंद को लपकने के उनके रिफ्लेक्स और चीते जैसी तेजी को देखकर मैदान पर मौजूद हर कोई दांतों तले उंगली दबा लेता है।
यह कामयाबी बिना मेहनत के नहीं आई है। कोच किरण शाह और नरेंद्र शाह के कड़े मार्गदर्शन में वेदिका हर रोज मैदान के 5 चक्कर लगाती हैं। इसके बाद वे घंटों तक विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की बारीकियों को सीखती हैं। उनका यह अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण बड़ों-बड़ों के लिए एक मिसाल है।
नेहरूग्राम के अकेशिया पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ने वाली वेदिका एक बेहद साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता विमल वर्मा पेशे से प्लंबर हैं और मां सोमती वर्मा एक गृहिणी हैं। घर के आर्थिक हालात भले ही सीमित हों, लेकिन वेदिका के सपनों को उड़ान देने के लिए पूरा परिवार अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है।

