। इस समय की एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर उत्तराखंड से आ रही है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के बुजुर्गों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। अब देवभूमि में जैसे ही किसी पात्र नागरिक की उम्र 60 साल होगी, उनकी वृद्धावस्था पेंशन अपने आप यानी ऑटोमैटिक मोड पर शुरू हो जाएगी। अब बुजुर्गों को न तो दफ्तरों के चक्कर लगाने होंगे और न ही लंबी कागजी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।
All India tv news। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया। सरकार का साफ कहना है कि तकनीकी और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे पात्रता की उम्र पूरी होते ही पेंशन सीधे खाते में चली जाए। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के जरिए जून महीने की पेंशन किस्त के रूप में ₹145.42 करोड़ की भारी-भरकम राशि सीधे 9.8 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर कर दी है।
मुख्य बिंदु :-
- बिना दफ्तर के चक्कर: पात्र बुजुर्गों को अब पेंशन के लिए आवेदन करने या किसी बाबू के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं होगी।
- डिजिटल ऑटोमेशन: उम्र 60 वर्ष पूरी होते ही पेंशन पोर्टल की डेटा ट्रैकिंग के जरिए पेंशन स्वतः एक्टिव हो जाएगी।
- एक क्लिक पर करोड़ों ट्रांसफर: जून महीने की पेंशन के रूप में ₹145.42 करोड़ की राशि जारी की गई।
- 9.8 लाख लाभार्थियों को लाभ: इस ट्रांसफर से राज्य के 9,80,950 लाभार्थियों को सीधे बैंक खातों में (DBT) लाभ मिला है।
- 25 साल का विज़न: मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि योजनाओं का खाका अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री का बयान :-
"हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक समय पर सामाजिक सुरक्षा मिले, यही हमारा संकल्प है।"
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
धामी सरकार के इस 'स्मार्ट और संवेदनशील' फैसले से राज्य के लाखों बुजुर्गों को सीधे तौर पर बड़ी राहत मिलने जा रही है।

