All India tv news। उत्तराखंड के हल्द्वानी से इस वक्त की एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है | दूसरों को जागरूक करने वाले और नैनीताल जिले के शिक्षा विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी खुद एक शातिर साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।
फेसबुक पर एक मामूली विज्ञापन देखना और ऑनलाइन खरीदारी करना अधिकारी को इतना महंगा पड़ा कि शातिर ठगों ने उनसे ₹3.5 लाख ऐंठ लिए। आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्या है ये पूरा मामला और कैसे बुना गया ठगी का यह डिजिटल जाल।
मामला उत्तराखंड के हल्द्वानी का है। मीडिया से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नैनीताल जिले के शिक्षा विभाग में तैनात एक प्रशासनिक अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) पर शुगर यानी मधुमेह की दवा का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन को सही मानकर उन्होंने ऑनलाइन दवा ऑर्डर कर दी। दवा की डिलीवरी तो हो गई, लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू हुआ।
दवा खरीदने के कुछ समय बाद अधिकारी के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आता है। फोन करने वाले शातिर साइबर ठग ने दावा किया कि उन्होंने अधिक मात्रा में दवा खरीदी है, जिसके कारण लकी ड्रॉ में उनके नाम ₹8 लाख की चमचमाती कार का इनाम निकला है!
- पहला कदम: कार के नाम पर पहले ₹3,200 का रजिस्ट्रेशन शुल्क मांगा गया।
- दूसरा कदम: जैसे ही अधिकारी ने यह रकम जमा की, ठगों का लालच बढ़ गया।
- तीसरा कदम: इसके बाद कार की डिलीवरी, रोड टैक्स, फाइल चार्ज और अलग-अलग औपचारिकताओं के नाम पर अधिकारी से धीरे-धीरे करके करीब 3.5 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
जब अधिकारी को लगातार पैसों की मांग होने पर शक हुआ और उन्होंने इनाम की डिलीवरी की बात की, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ठगों ने उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए थे। पीड़ित अधिकारी ने अब इस मामले की शिकायत पुलिस और साइबर सेल में दर्ज कराई है
चैनल की अपील :-
नैनीताल पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी भी लुभावने विज्ञापन या लॉटरी, कार इनाम जैसे झांसों में बिल्कुल न आएं।
अगर आपके पास भी ऐसा कोई फोन आता है जो आपसे किसी इनाम के बदले पैसे की मांग करता है, तो तुरंत सावधान हो जाएं और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।

