All India tv news। सल्ट ब्लॉक से बड़ी खबर। ग्राम प्रधान संगठन सल्ट ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 10 सूत्रीय मांगों का निराकरण न होने पर संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
ग्राम प्रधान संगठन सल्ट के अध्यक्ष गिरीश चंद्र सिंह और उनकी टीम द्वारा 14-09-2026 को पत्रांक 006/2026 के तहत यह ज्ञापन खंड विकास अधिकारी, सल्ट अल्मोड़ा के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार को भेजा गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश प्रधान संगठन उत्तराखंड पिछले चार माह से लगातार 10 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर सरकार से मुलाकात कर रहा है, लेकिन आज तक सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जिससे प्रदेश के समस्त ग्राम प्रधानों में सरकार के प्रति रोष व्याप्त है।
प्रधानों की मुख्य 10 सूत्रीय मांगें ये हैं:-
1. मानदेय बढ़ाओ: ग्राम प्रधानों को न्यूनतम 20 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाए और वार्ड सदस्यों को भी खुली बैठक में प्रतिभाग करने पर मानदेय का प्रावधान किया जाए।
2. मनरेगा ऑफलाइन करो: मनरेगा / V.B-G RAM G योजना में श्रमिकों की उपस्थिति को पूर्ण रूप से ऑफलाइन किया जाए। क्योंकि उत्तराखंड पर्वतीय राज्य है, यहां नेटवर्क कनेक्टिविटी अच्छी नहीं होने के कारण ऑनलाइन हाजिरी लगाना संभव नहीं है। साथ ही अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये और कुशल की 800 रुपये प्रतिदिन की जाए।
3. बजट बढ़ाओ: ग्राम पंचायतों के राज्यवित्त / केंद्रीय वित्त की धनराशि को जनसंख्या व भौगोलिक क्षेत्रफल के अनुसार बढ़ाया जाए।
4. जिला योजना में भागीदारी: जिला योजना मद में पास होने वाले विकास कार्यों का प्रस्ताव ग्राम पंचायतों की खुली बैठक में अनिवार्य रूप से पारित करवाया जाए और जिला योजना की बैठक में ग्राम प्रधान संगठन को भी नामित सदस्य के रूप में आमंत्रित किया जाए।
5. 29 विभाग पंचायत को दो: पंचायतीराज एक्ट में पारित सभी 29 विभागों को अतिशीघ्र ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाय।
6. प्रधान निधि बनाओ: माननीय विधायक/सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधान निधि की बजट में व्यवस्था की जाय, ताकि गांव में आकस्मिक आपदा/अगजनी/राहत कार्यों के लिए तुरंत पैसा मिल सके।
7. 10 लाख तक का काम पंचायत करेगी: ग्राम पंचायतों में किसी भी विभाग द्वारा स्वीकृत 10 लाख तक के कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाया जाय। इससे ग्रामीण रोजगार को राहत मिलेगी और पलायन रुकेगा।
8. बीमा की मांग: ग्राम प्रधानों का पंचायतीराज विभाग द्वारा स्वास्थ्य बीमा / जीवन बीमा करवाया जाय।
9. पीएम आवास सूची में सुधार: 2024 की सूची में नाम होने के बाद भी आवास सॉफ्टवेयर द्वारा जनरेट सूची में नाम नहीं होने पर जरूरतमंद ग्रामीण लाभ से वंचित हैं। उनका नाम अतिशीघ्र जोड़ा जाय।
10. जबरन टैक्स का विरोध: 16वें वित्त की नई गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों को प्रत्येक परिवार से मासिक 100 रुपये यानी वार्षिक 1200 रुपये टैक्स वसूलना होगा, नहीं तो 16वें वित्त से 20% कटौती होगी। प्रधान संगठन ने इस आदेश में संशोधन कर टैक्स की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की है।
तालाबंदी की चेतावनी :-
सल्ट के सभी ग्राम प्रधानों ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा।
ग्राम प्रधान संगठन के अनुसार :-_"आज दिन तक सरकार द्वारा हमारी दस सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं किया गया। इस नाराजगी के चलते प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर ब्लॉक प्रधान संगठन 16/09/2026 को प्रातः 10 बजे से ब्लॉक मुख्यालय पर एकदिवसीय सांकेतिक तालाबंदी प्रदर्शन करने को बाध्य है। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन/प्रशासन की होगी।"_
तो अब सल्ट में प्रधान आर-पार के मूड में हैं। 16 सितंबर को सल्ट ब्लॉक में क्या होगा, यह देखना अहम होगा।

