All India tv news। इस वक्त की एक बहुत बड़ी और दुखद खबर उत्तराखंड के चमोली जिले से आ रही है, जहाँ आस्था के सबसे बड़े प्रतीक नंदा देवी बड़ी जात यात्रा के मार्ग पर दो गांवों के ग्रामीणों के बीच भारी हिंसक झड़प हो गई है। देखते ही देखते आस्था का यह पावन पथ रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। सुतोल और कनोल गांव के ग्रामीणों के बीच किसी बात को लेकर हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार (तलवारें) तक चल गए। इस खूनी संघर्ष में गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र नेता रणजीत सिंह समेत लगभग 10 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
- कहाँ और कब हुई घटना: यह पूरी घटना चमोली जिले के नंदानगर ब्लॉक के तहत ग्राम सभा सुतोल की भूमि कैलुवा विनायक एवं पातानैचोड़िया नामक स्थान पर हुई है। यात्रा के दौरान अचानक दोनों गांवों के ग्रामीण आमने-सामने आ गए।
- हथियारों से हुआ हमला: चश्मदीदों और प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, हमलावर लाठियों और धारदार हथियारों से लैस थे। विवाद के बाद अचानक हुए इस हमले से यात्रा मार्ग पर भगदड़ मच गई। इस विवाद में कई श्रद्धालुओं और यात्रियों के साथ भी छीना-झपटी और मारपीट की खबर है।
- छात्र नेता और पुजारी गंभीर रूप से घायल: मारपीट में सुतोल गांव के रहने वाले और गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र नेता रणजीत सिंह (जो कैलुवा विनायक के पुजारी भी हैं) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनके अलावा सुतोल के उप-प्रधान कमल सिंह, हरचन सिंह, हिम्मत सिंह, कुंदन सिंह सहित कई अन्य ग्रामीण और पंचानाम देवता के पसुवा को भी गंभीर चोटें आई हैं।
- रेस्क्यू और मेडिकल अपडेट: सभी घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर नंदानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लाया गया। छात्र नेता रणजीत सिंह और अन्य गंभीर घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए, डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन गंभीर मरीजों को हेली-एंबुलेंस के माध्यम से एयरलिफ्ट कराने की तैयारी में है।
- नेटवर्क की समस्या से आ रही बाधा: क्योंकि यह घटना बेहद दूरस्थ और उच्च हिमालीय क्षेत्र में हुई है, वहाँ मोबाइल नेटवर्क की भारी किल्लत है। इस वजह से पल-पल की पूरी जानकारी और हताहतों की सटीक संख्या जुटाने में प्रशासन को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यात्रा मार्गों और संवेदनशील पड़ावों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। आस्था के इस महापर्व में इस तरह की हिंसक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

