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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

मकर संक्रांति 2026: महाकाल का तिल के तेल से अभिषेक, प्रयागराज में 15 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी; PM मोदी ने की गौ सेवा।

 

 


All India tv news। आस्था और उल्लास का महापर्व मकर संक्रांति देशभर में पारंपरिक हर्षोल्लास और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर, जहां एक ओर पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, वहीं मंदिरों और राष्ट्रीय राजधानी में भी पर्व की छटा देखने को मिली।



महाकाल मंदिर में विशेष अभिषेक :-

धार्मिक नगरी उज्जैन में, विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर एक विशेष अनुष्ठान आयोजित किया गया। परंपरा के अनुसार, भगवान महाकाल का तिल के तेल से अभिषेक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे और भगवान का आशीर्वाद लिया।



प्रयागराज में 15 लाख श्रद्धालुओं ने किया स्नान :-

उत्तर भारत में मकर संक्रांति के पर्व पर स्नान का विशेष महत्व है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कड़ाके की ठंड के बावजूद, करीब 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम में आस्था की डुबकी लगाई। घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और "हर-हर गंगे" के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।




प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर गायों को चारा खिलाया :-

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भी मकर संक्रांति का पर्व सादगी और परंपरा के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक आवास पर इस अवसर पर गौ सेवा की। उन्होंने अपने आवास पर गायों को चारा खिलाया और उनकी पूजा की, जो भारतीय संस्कृति में गौ माता के महत्व और सम्मान को दर्शाता है।

मकर संक्रांति का यह पावन पर्व, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों के साथ संपन्न हुआ।

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