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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

उत्तराखंड में शिक्षा पर संकट: 1,183 सरकारी स्कूलों पर जड़े ताले, पहाड़ों में गहराया 'शिक्षा का सन्नाटा'।

 



All India tv news। उत्तराखंड के शिक्षा विभाग से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिस प्रदेश की पहचान कभी ज्ञान और शिक्षण संस्थानों से थी, आज वहां के 13 जिलों में 1,100 से अधिक सरकारी स्कूलों में ताले लटक गए हैं। पहाड़ों से होता पलायन और छात्र संख्या में भारी गिरावट ने शिक्षा व्यवस्था को घुटनों पर ला दिया है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड के 13 जिलों में कुल 1,183 स्कूल बंद हो चुके हैं। सबसे भयावह स्थिति टिहरी और पौड़ी गढ़वाल की है, जहाँ की 'स्कूली घंटी' अब पूरी तरह शांत हो चुकी है।

जिलावार स्थिति पर एक नज़र:-

सबसे बुरा हाल:- टिहरी में सर्वाधिक 262 और पौड़ी में 120 स्कूल बंद हुए हैं।

कुमाऊं की स्थिति:- पिथौरागढ़ में 104, अल्मोड़ा में 83 और नैनीताल में 49 स्कूलों पर ताले लग चुके हैं।

अन्य जिलों का डेटा:- चमोली (43), देहरादून (38), चंपावत (34), उत्तरकाशी (25), और बागेश्वर (25) स्कूल बंद हैं।

मैदानी जिलों में राहत:- उधम सिंह नगर में 21, रुद्रप्रयाग में 15 और हरिद्वार में सबसे कम केवल 2 स्कूल बंद हुए हैं।

चिंता और विश्लेषण:-

विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी और रोजगार के अभाव में हो रहा पलायन इस तबाही का मुख्य कारण है। स्कूलों के बंद होने से न केवल वर्तमान छात्रों का भविष्य अधर में है, बल्कि शिक्षक समुदाय और अभिभावकों में भी भारी रोष है।

स्थानीय निवासियों की सरकार से मांग है कि 'स्कूल मर्जर' की नीति के बजाय दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारी जाए ताकि गांव के बच्चों को मीलों दूर न भटकना पड़े।

क्या सरकार इन बंद कमरों में फिर से बच्चों की खिलखिलाहट लौटा पाएगी? या देवभूमि की ये पाठशालाएं खंडहर में तब्दील हो जाएंगी? यह एक बड़ा सवाल है।

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