All India tv news। रामनगर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामनगर रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला के बेहोश मिलने से हड़कंप मच गया। खबर है कि महिला काशीपुर की रहने वाली है। लेकिन इस मामले में जो मोड़ सामने आ रहे हैं, वे किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं। आखिर उस मोबाइल में ऐसा क्या था जिसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है? क्या इस मामले के तार शहर के बड़े रसूखदारों से जुड़े हैं?
रामनगर रेलवे स्टेशन उस वक्त छावनी में तब्दील हो गया जब वहां एक महिला अचेत अवस्था में मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सरकारी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। लेकिन इस पूरी घटना में असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब कुछ ही घंटों के भीतर बेहद गुपचुप तरीके से महिला को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
मोबाइल के राज ने उड़ाए होश:-
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों की मानें तो महिला के पास मौजूद मोबाइल फोन ने कई राज उगले हैं। चर्चा है कि फोन में कुछ ऐसी व्हाट्सएप चैट्स और वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट्स मिले हैं, जो शहर के कई 'सफेदपोश' लोगों की नींद उड़ा सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि महिला किसी बड़े खुलासे के करीब थी या उसे किसी बड़ी साजिश का शिकार बनाया गया है।
वो सवाल जिनके जवाब अब तक नहीं मिले:
जल्दबाजी क्यों? जब महिला की हालत नाजुक थी, तो उसे इतनी जल्दी अस्पताल से डिस्चार्ज कर परिजनों को क्यों सौंपा गया? क्या यह जांच को रोकने की कोशिश थी?
कौन हैं वो रसूखदार? बाजार में चर्चा गर्म है कि इस मामले में कुछ बड़े कारोबारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम जुड़े हैं। क्या इसीलिए पुलिस गहन जांच के बजाय मामले को शांत करने में जुटी है?
रेलवे स्टेशन तक कैसे पहुँची? काशीपुर की रहने वाली यह महिला इन परिस्थितियों में रामनगर स्टेशन तक कैसे और किसके साथ पहुँची?
पुलिस की भूमिका पर संदेह:
सूत्रों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल मामले को दबाने के लिए ऊपर से भारी दबाव है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि आखिर क्यों इस मामले की तह तक जाने की कोशिश नहीं की जा रही है। क्या व्हाट्सएप चैट में मौजूद वो 'चेहरे' इतने प्रभावशाली हैं कि कानून के हाथ उन तक पहुँचने से रुक रहे हैं?

