All India tv news। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट स्थित तडम गांव और आसपास के इलाकों में बीते कई दिनों से फैला दहशत का माहौल अब खत्म हो गया है। ग्रामीणों को अपना निवाला बनाने वाले हिंसक वन्यजीव को शूटर और वन विभाग के विशेषज्ञ दल ने आखिरकार अपने कब्जे में ले लिया है।
मुख्य बिंदु:-
- बाघ या गुलदार का संशय खत्म: लंबे समय से चल रहा यह विवाद अब पूरी तरह साफ हो गया है कि हमलावर वन्यजीव गुलदार नहीं, बल्कि एक वयस्क नर बाघ ही था।
- एक महीने में दो हमले: वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, तडम क्षेत्र में पिछले एक महीने के भीतर हुई दोनों जानलेवा घटनाओं में यही नर बाघ शामिल था।
- देर रात चला ऑपरेशन: बीते सोमवार की देर रात वन विभाग की टीम और शूटर दल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बाघ को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया।
- रेस्क्यू सेंटर शिफ्ट: पकड़े गए हिंसक बाघ को सुरक्षित पिंजरे में रखकर रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है।
"सल्ट के तडम गांव में बाघ के खौफ से लोग घरों में कैद होने को मजबूर थे। वन विभाग की मुस्तैदी और शूटर दल के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद इस आदमखोर बाघ को बेहोश कर काबू पा लिया गया है। विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में आतंक मचाने वाला यह एक वयस्क नर बाघ है, जिसे अब कॉर्बेट के रेस्क्यू सेंटर में कड़े पहरे में रखा गया है। इस कामयाबी के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।"

