All India tv news। इस वक्त की एक बहुत बड़ी और डरावनी खबर उत्तराखंड के चमोली जिले से आ रही है। चमोली के जंगलों में लगी आग अब बेकाबू होकर रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ने लगी है। ताजा मामला जिला मुख्यालय गोपेश्वर का है, जहां पठियालधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज के चारों तरफ जंगल की आग ने विकराल रूप ले लिया। तेज हवाओं और भीषण गर्मी के कारण आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि सड़क किनारे खड़ी एक कार इसकी चपेट में आ गई और देखते ही देखते जलकर पूरी तरह राख हो गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
यह तस्वीरें बयां कर रही हैं कि उत्तराखंड के पहाड़ों में वनाग्नि का खतरा कितना गंभीर हो चुका है। अलकनंदा वन प्रभाग क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में अचानक आग धधक उठी। सूखी पत्तियों और तेज हवाओं ने आग में घी का काम किया, जिससे लपटें सीधे नर्सिंग कॉलेज मार्ग तक पहुंच गईं। सड़क किनारे कई गाड़ियां खड़ी थीं, जिनमें से एक वाहन पूरी तरह आग की चपेट में आ गया। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाई और मौके पर मौजूद अन्य 7 से 8 गाड़ियों को तुरंत वहां से हटा लिया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।
घटनास्थल का विवरण और रेस्क्यू :-
घटना की सूचना मिलते ही SDRF, फायर ब्रिगेड और वन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। स्थानीय जनता के सहयोग से टीमों ने भारी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। इसी बीच मौसम ने भी करवट ली और क्षेत्र में हुई तेज बारिश ने जंगलों की आग को शांत करने में बड़ी भूमिका निभाई। बारिश के बाद आसमान में छाया धुआं साफ हुआ है और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन इस घटना ने प्रशासन और वन विभाग की तैयारियों पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

