All India tv news। प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और ट्रेकर्स के लिए एक बहुत बड़ी और सुखद खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध 'फूलों की घाटी' को आज से पर्यटकों के दीदार के लिए आधिकारिक तौर पर खोल दिया गया है।
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल इस खूबसूरत घाटी के कपाट आज सुबह वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में खोले गए। इस मौके पर चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह, वन विभाग के आला अधिकारी और देश-विदेश से पहुंचे उत्साही पर्यटक मौजूद रहे।
हिमालय की गोद में बसी यह जादुई घाटी किसी जन्नत से कम नहीं है। हर साल की तरह इस बार भी जून के पहले सप्ताह में इसे सैलानियों के लिए खोल दिया गया है, जो अब अक्टूबर के अंत तक खुला रहेगा। मानसून के आते ही इस घाटी में प्रकृति का असली रंग देखने को मिलता है। जुलाई से सितंबर के बीच यहाँ ब्रह्मकमल, ब्लू पोस्ता और कोबरा लिली जैसी सैकड़ों दुर्लभ प्रजातियों के फूल खिलते हैं। इस दौरान पूरी घाटी मानो रंग-बिरंगे फूलों की एक खूबसूरत कालीन में तब्दील हो जाती है।
इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए पर्यटकों को गोविंदघाट से लगभग 13 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई कर बेस कैंप 'घांघरिया' पहुंचना होता है। इसके बाद घांघरिया से घाटी का मुख्य प्रवेश द्वार सिर्फ 3 किलोमीटर की दूरी पर है। सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के नियमों के मुताबिक, पर्यटकों को घाटी के अंदर केवल दिन के समय ही रुकने की अनुमति है और सूर्यास्त से पहले हर हाल में वापस लौटना होता है।
इस घाटी के खुलने से न सिर्फ प्रकृति प्रेमियों के चेहरे खिल उठे हैं, बल्कि स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी एक नई ऊर्जा मिली है। अगर आप भी भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कुदरत के इस अनूठे चमत्कार को देखना चाहते हैं, तो उत्तराखंड की फूलों की घाटी आपका इंतजार कर रही है।

