जयपुर । राजस्थान के जयपुर ग्रामीण इलाके से पुलिस बर्बरता और भारी बवाल की बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सांभर जिला प्रचारक कृष्ण अवतार के साथ नरैना थाने में कथित तौर पर मारपीट और बेहद अभद्र व्यवहार किया गया। इस घटना के बाद संघ के स्वयंसेवकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने थाने के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला बिगड़ता देख जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) हनुमान प्रसाद मीणा मौके पर पहुंचे और थानाधिकारी (SHO) समेत 6 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस पूरे प्रकरण में 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात की है। सांभर जिले के संघ प्रचारक कृष्ण अवतार शनिवार रात फुलेरा जा रहे थे। इसी दौरान नरैना थाने की पुलिस गश्त टीम ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और कथित तौर पर जबरन पकड़कर थाने ले आई।
आरोप है कि जब पीड़ित ने थानाधिकारी उमराव सिंह गुर्जर को अपना परिचय दिया कि वे RSS के जिला प्रचारक हैं, तो थाना प्रभारी भड़क गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि SHO ने पुलिसकर्मियों को उकसाते हुए कहा— "आज इसकी प्रचारकी उतार दो"। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने थाने के अंदर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें शांतिभंग की धारा 151 के तहत हिरासत में ले लिया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल और बेहोश होने की हालत में उन्हें पहले नरैना अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया है
स्वयंसेवकों का फूटा गुस्सा, थाने में पढ़ा हनुमान चालीसा :-
घटना की खबर रविवार सुबह आग की तरह फैल गई, जिसके बाद भारी संख्या में RSS के स्वयंसेवक नरैना थाने पहुंच गए। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर थाने के अंदर ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। मामले को गरमाता देख भाजपा के कई पूर्व विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए।
SP की बड़ी कार्रवाई: 6 निलंबित, एएसपी करेंगे जांच :-
तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जयपुर ग्रामीण एसपी हनुमान प्रसाद मीणा खुद नरैना थाने पहुंचे। उन्होंने प्राथमिक तौर पर लापरवाही और दुर्व्यवहार के दोषी पाए गए निम्नलिखित 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए:
• उमराव सिंह गुर्जर (थानाधिकारी/SHO)
• ओंकार (ASI)
• रमेश (ASI)
• कुलदीप (कांस्टेबल)
• महिपाल (कांस्टेबल)
• विनोद (कांस्टेबल)
निलंबन की अवधि के दौरान इन सभी का मुख्यालय जयपुर ग्रामीण पुलिस लाइन रहेगा। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में कुल 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रैंक के अधिकारी को सौंप दी गई है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है, वहीं संघ और स्थानीय लोगों में पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
