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उत्तराखंड: पौड़ी में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, होटल NOC के नाम पर रिश्वत लेते प्रभारी अग्निशमन अधिकारी गिरफ्तार।


All India tv news। देहरादून/पौड़ी:
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में तैनात प्रभारी अग्निशमन अधिकारी (लीडिंग फायरमैन) भूपेश त्यागी को विजिलेंस की देहरादून ट्रैप टीम ने बुधवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी एक होटल व्यवसायी से फायर एनओसी (No Objection Certificate) जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
6 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों दबोचा :-
सतर्कता विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, लैंसडाउन क्षेत्र के एक होटल व्यवसायी ने अपने निर्माणाधीन होटल के लिए फायर विभाग में एनओसी के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और प्रमाणपत्र जारी करने के बदले कोटद्वार फायर स्टेशन के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी ने उससे कुल 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
होटल व्यवसायी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने इसकी गोपनीय शिकायत देहरादून स्थित सतर्कता विभाग (विजिलेंस) में दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस सेक्टर देहरादून ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया और एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया। बुधवार को योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी भूपेश त्यागी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 6,000 रुपये सौंपे, वैसे ही पहले से जाल बिछाकर बैठी विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
विभाग में मचा हड़कंप :-
विजिलेंस की इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से अग्निशमन और पुलिस विभाग के प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ देहरादून ले गई है, जहां उससे आगे की पूछताछ और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

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